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दुर्घटनाओं से विद्यार्थियों को बचाने को लेकर प्रशासन हुआ गंभीर
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उधमपुर में निजी स्कूलों के संचालकों के साथ बैठक करते डीसी डा. सिंगला।
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को वाहन दुर्घटनाओं से बचाने को लेकर प्रशासन ने प्रयास शुरू किए हैं। जिला विकास आयुक्त ने इसको लेकर डीसी कार्यालय के कांफ्रेंस हाल में बैठक की, जिसमें सभी निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। साथ ही आर्मी पब्लिक स्कूल व केंद्रीय विद्यालय के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक में एसएसपी राजीव ओम प्रकाश पांडे, एडीडीसी अशोक कुमार, एआरटीओ रचना शर्मा, डीएसपी ट्रैफिक लवकरण तनेजा व अन्य सरकारी अधिकारी मौजूद थे। आरंभ में ओवरलोडिंग, ओवर स्पीड, स्कूल वैन, स्कूल बसों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। डीडीसी ने डा. पियूष सिंगला ने बताया कि सहयोग प्रोग्राम के तहत स्कूल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। एआरटीओ रचना शर्मा ने स्कूल ट्रांसपोर्ट के बारे मेें जानकारी दी। उन्होंने निजी स्कूलों के वाहनों के लिए बनाए गए नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हर निजी स्कूल में एक ट्रैफिक क्लब बनाया जाएगा, जिसमें एनसीसी व एनएसएस के सदस्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक करेंगे। इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी सहयोग करेंगे। विद्यार्थियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए स्कूल, जिला प्रशासन व अभिभावकों को मिलकर ही प्रयास करने होंगे। बैठक का मूल उद्देश्य राज्य के स्कूलों में खराब यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना है। सहयोग प्रोग्राम को केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित करने का प्रयास है।
डीडीसी ने सभी हितधारकों से अनुरोध किया कि वे सामने आएं और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि जिले के छात्रों को यातायात योग्य वातावरण प्रदान करें। डीडीसी ने आगे कहा कि स्कूल अधिकारियों को स्कूलों में एक ट्रैफिक क्लब का गठन करना चाहिए, ताकि छात्र यातायात नियमों के बारे में जान सकें। डीडीसी ने परिवहन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए स्कूल बसों की ओवरलोडिंग और स्कूल प्रबंधन को सावधानी बरतते हुए गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने स्कूल प्रशासन को यातायात नियमों का पालन करने के अलावा बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और ड्राइवरों को तेज गति से वाहन चलाने से बचने की सलाह दी
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बैठक में एसएसपी राजीव ओम प्रकाश पांडे, एडीडीसी अशोक कुमार, एआरटीओ रचना शर्मा, डीएसपी ट्रैफिक लवकरण तनेजा व अन्य सरकारी अधिकारी मौजूद थे। आरंभ में ओवरलोडिंग, ओवर स्पीड, स्कूल वैन, स्कूल बसों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। डीडीसी ने डा. पियूष सिंगला ने बताया कि सहयोग प्रोग्राम के तहत स्कूल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। एआरटीओ रचना शर्मा ने स्कूल ट्रांसपोर्ट के बारे मेें जानकारी दी। उन्होंने निजी स्कूलों के वाहनों के लिए बनाए गए नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हर निजी स्कूल में एक ट्रैफिक क्लब बनाया जाएगा, जिसमें एनसीसी व एनएसएस के सदस्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक करेंगे। इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी सहयोग करेंगे। विद्यार्थियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए स्कूल, जिला प्रशासन व अभिभावकों को मिलकर ही प्रयास करने होंगे। बैठक का मूल उद्देश्य राज्य के स्कूलों में खराब यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना है। सहयोग प्रोग्राम को केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित करने का प्रयास है।
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डीडीसी ने सभी हितधारकों से अनुरोध किया कि वे सामने आएं और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि जिले के छात्रों को यातायात योग्य वातावरण प्रदान करें। डीडीसी ने आगे कहा कि स्कूल अधिकारियों को स्कूलों में एक ट्रैफिक क्लब का गठन करना चाहिए, ताकि छात्र यातायात नियमों के बारे में जान सकें। डीडीसी ने परिवहन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए स्कूल बसों की ओवरलोडिंग और स्कूल प्रबंधन को सावधानी बरतते हुए गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने स्कूल प्रशासन को यातायात नियमों का पालन करने के अलावा बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और ड्राइवरों को तेज गति से वाहन चलाने से बचने की सलाह दी
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