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Udhampur News: गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में करवाया सद्भावना सत्संग
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मानव उत्थान सेवा समिति की तरफ से रामनगर में आयोजित सद्भावना सत्संग में भाग लेते श्रद्धालु।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मानव उत्थान सेवा समिति की तरफ से सनातन संस्कृति के गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर शनिवार को रामनगर में विशाल सद्भावना सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें जिले भर से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
वरिष्ठ प्रचारिका महात्मा समा बाई ने श्रद्धालुओं को बताया कि मां गंगा मोक्षदायिनी हैं जिसका जल अमृत के समान है, जो कभी खराब नहीं होता। उन्होंने प्रवचनों में कहा कि इक्ष्वाकु वंश में सगर नाम के प्रतापी राजा के साठ हजार पुत्रों को कपिल मुनि ने अपनी क्रोधाग्नि से भस्म कर दिया था जिसके पश्चात राजा भगीरथ ने उनके उद्धार के लिए घोर तप कर मां गंगा को पृथ्वी पर अवतरित किया।
महात्मा त्रिपुरा बाई व महात्मा संयमी बाई ने कहा कि जैसे राजा भगीरथ ने अपनी घोर तपस्या द्वारा मां गंगा को धरती पर अवतरित किया था, उसी प्रकार हम भी परिश्रम कर इस धरा को स्वर्ग बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग का लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन का भाग्य उदय करें। अपने मन मंदिर में प्रवेश करने की विधि समय के महापुरुष से प्राप्त करें। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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उधमपुर। मानव उत्थान सेवा समिति की तरफ से सनातन संस्कृति के गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर शनिवार को रामनगर में विशाल सद्भावना सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें जिले भर से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
वरिष्ठ प्रचारिका महात्मा समा बाई ने श्रद्धालुओं को बताया कि मां गंगा मोक्षदायिनी हैं जिसका जल अमृत के समान है, जो कभी खराब नहीं होता। उन्होंने प्रवचनों में कहा कि इक्ष्वाकु वंश में सगर नाम के प्रतापी राजा के साठ हजार पुत्रों को कपिल मुनि ने अपनी क्रोधाग्नि से भस्म कर दिया था जिसके पश्चात राजा भगीरथ ने उनके उद्धार के लिए घोर तप कर मां गंगा को पृथ्वी पर अवतरित किया।
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महात्मा त्रिपुरा बाई व महात्मा संयमी बाई ने कहा कि जैसे राजा भगीरथ ने अपनी घोर तपस्या द्वारा मां गंगा को धरती पर अवतरित किया था, उसी प्रकार हम भी परिश्रम कर इस धरा को स्वर्ग बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग का लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन का भाग्य उदय करें। अपने मन मंदिर में प्रवेश करने की विधि समय के महापुरुष से प्राप्त करें। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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