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उधमपुर की पारुल महाजन यूक्रेन में फंसी, अहीन और स्तुति सुरक्षित घर लौटी
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उधमपुर में यूक्रेन से सुरक्षित लौटी स्तुति कश्यप
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं दो युवतियां सुरक्षित उधमपुर लौट आई हैं। जबकि, एक युवती अभी यूक्रेन में ही फंसी हुई है। उसका परिवार परेशान है, और बेटी के सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा है।
लौटने वाली युवतियों का कहना है कि वह हालात खराब होने से पहले ही घर लौट आई थी। उनके घर लौटने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। वहीं, यूक्रेन में मौजूद युवती के परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनकी बेटी यूनिवर्सिटी के बंकर में ही है, और सुरक्षित है। लेकिन उसके साथ संपर्क करने में परेशानी हो रही है। तहसीलदार उधमपुर अमित ने मंगलवार को तीनों के परिवार के साथ मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
यूक्रेन में उधमपुर से तीन युवतियां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। अहीना राजपूत पुत्री अर्जुन सिंह निवासी रूप नगर फंग्याल, स्तुति कश्यप पुत्री संजय कुमार निवासी वार्ड 1 सुभाष नगर उधमपुर और पारुल महाजन पुत्री विजय कुमार निवासी वार्ड 12 सैला तालाब उधमपुर। जब यूक्रेन में युद्ध जैसे हालात बने थे तब अहीना 22 फरवरी को और स्तुति 21 फरवरी को पहले ही वापस आ गई थीं।
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अहीना ने बताया कि यूक्रेन में जब युद्ध जैसे हालात बनने लगे थे तो सरकार वापस लौटने के लिए कुछ फार्म भरवाए थे। लेकिन, उन फॉर्म से कुछ ज्यादा मदद नहीं मिली, तो अपनी तरफ से फ्लाइट की व्यवस्था कर वह 22 फरवरी की टिकट लेकर वापस आ गई। वहीं, स्तुति ने बताया कि वह 21 फरवरी को ही उधमपुर पहुंच गई थी।
विजय कुमार की बेटी पारुल महाजन अभी यूक्रेन में ही है। पारुल खारकीव में वीएन क्रेजिन खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी खारकीव यूक्रेन में एमडी फिजिशियन कोर्स कर रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से वह हास्टल में रह रही है। वह अन्य छात्रों के साथ हॉस्टल के पास बनाए गए बंकर में है। पारुल के पिता विजय कुमार ने बताया कि सुबह पारुल ने घर पर फोन कर बताया था कि वह सुरक्षित है। खाने पीने का सामान मिल रहा है। लेकिन नेटवर्क की बहुत परेशानी हो रही है। वह लगातार प्रशासन व सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पारुल यूक्रेन में दूतावास की एडवाइजरी का इंतजार कर रही है।
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लौटने वाली युवतियों का कहना है कि वह हालात खराब होने से पहले ही घर लौट आई थी। उनके घर लौटने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। वहीं, यूक्रेन में मौजूद युवती के परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनकी बेटी यूनिवर्सिटी के बंकर में ही है, और सुरक्षित है। लेकिन उसके साथ संपर्क करने में परेशानी हो रही है। तहसीलदार उधमपुर अमित ने मंगलवार को तीनों के परिवार के साथ मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
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यूक्रेन में उधमपुर से तीन युवतियां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। अहीना राजपूत पुत्री अर्जुन सिंह निवासी रूप नगर फंग्याल, स्तुति कश्यप पुत्री संजय कुमार निवासी वार्ड 1 सुभाष नगर उधमपुर और पारुल महाजन पुत्री विजय कुमार निवासी वार्ड 12 सैला तालाब उधमपुर। जब यूक्रेन में युद्ध जैसे हालात बने थे तब अहीना 22 फरवरी को और स्तुति 21 फरवरी को पहले ही वापस आ गई थीं।
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अहीना ने बताया कि यूक्रेन में जब युद्ध जैसे हालात बनने लगे थे तो सरकार वापस लौटने के लिए कुछ फार्म भरवाए थे। लेकिन, उन फॉर्म से कुछ ज्यादा मदद नहीं मिली, तो अपनी तरफ से फ्लाइट की व्यवस्था कर वह 22 फरवरी की टिकट लेकर वापस आ गई। वहीं, स्तुति ने बताया कि वह 21 फरवरी को ही उधमपुर पहुंच गई थी।
विजय कुमार की बेटी पारुल महाजन अभी यूक्रेन में ही है। पारुल खारकीव में वीएन क्रेजिन खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी खारकीव यूक्रेन में एमडी फिजिशियन कोर्स कर रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से वह हास्टल में रह रही है। वह अन्य छात्रों के साथ हॉस्टल के पास बनाए गए बंकर में है। पारुल के पिता विजय कुमार ने बताया कि सुबह पारुल ने घर पर फोन कर बताया था कि वह सुरक्षित है। खाने पीने का सामान मिल रहा है। लेकिन नेटवर्क की बहुत परेशानी हो रही है। वह लगातार प्रशासन व सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पारुल यूक्रेन में दूतावास की एडवाइजरी का इंतजार कर रही है।