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Udhampur News: रामनगर के सरकारी मिडिल स्कूल थपलाल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
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उधमपुर। तहसील रामनगर के गांव थपलाल में सरकारी मिडिल स्कूल थपलाल के बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में न तो खेल का मैदान है और न ही सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण किया है।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। ऐसे में सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है। अभिभावकों का मानना है कि यदि स्कूल में बेहतर शैक्षणिक और भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलेगी। गांववासियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि 10वीं कक्षा तक उन्नत किया जाए ताकि आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव या दूर के स्कूलों में न जाना पड़े।
सुभाष शर्मा ने बताया कि कच्चे मैदान में खेलने के दौरान बच्चों को एलर्जी, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब कीचड़ में खेलना पड़ता है। रेखा देवी की मानें तो स्कूल परिसर में उचित खेल मैदान का निर्माण होना चाहिए। बोधराज का कहना है कि स्कूल में चहारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जानवर बिना रोकटोक स्कूल परिसर में आ जाते हैं। आदिश्वर शर्मा के अनुसार अधिकारियों को अवगत कराया है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद हैं।
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समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही नवंबर तक कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- गिरधारी लाल, जेडईओ, रामनगर।
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ग्रामीणों के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। ऐसे में सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है। अभिभावकों का मानना है कि यदि स्कूल में बेहतर शैक्षणिक और भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलेगी। गांववासियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि 10वीं कक्षा तक उन्नत किया जाए ताकि आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव या दूर के स्कूलों में न जाना पड़े।
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सुभाष शर्मा ने बताया कि कच्चे मैदान में खेलने के दौरान बच्चों को एलर्जी, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब कीचड़ में खेलना पड़ता है। रेखा देवी की मानें तो स्कूल परिसर में उचित खेल मैदान का निर्माण होना चाहिए। बोधराज का कहना है कि स्कूल में चहारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जानवर बिना रोकटोक स्कूल परिसर में आ जाते हैं। आदिश्वर शर्मा के अनुसार अधिकारियों को अवगत कराया है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद हैं।
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समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही नवंबर तक कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- गिरधारी लाल, जेडईओ, रामनगर।