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Udhampur News: रामबन और बनिहाल के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर हुई चर्चा, नागरिकों से मांगे गए सुझाव
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योजनाओं का लक्ष्य दोनों कस्बों में व्यवस्थित और टिकाऊ शहरी विकास करना है
रामबन। रामबन और बनिहाल कस्बों के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने से पहले सोमवार को नागरिकों और हितधारकों के साथ बैठक हुई। उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और ग्रामीणों के सुझाव मांगे गए ताकि स्थानीय लोगों की चिंताओं को शामिल किया जा सके।
बैठक में मुख्य नगर नियोजक जगदीश राज हंस और वरिष्ठ नगर नियोजक मनोज कुमार ने मास्टर प्लान के उद्देश्यों और विशेषताओं को समझाया। उनका कहना था कि इन योजनाओं का लक्ष्य दोनों कस्बों में व्यवस्थित और टिकाऊ शहरी विकास करना है। लोगों ने भूमि उपयोग, जल निकासी, बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढाँचे से संबंधित कई सवाल उठाए, जिस पर अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया और आश्वस्त किया कि उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उपायुक्त ने विशेष रूप से जल निकासी व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने परनोते क्षेत्र में होने वाले भूमि अवतलन (land subsidence) और आगामी सावलकोट जल विद्युत परियोजना के संभावित प्रभाव को भी योजना में शामिल करने को कहा।
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रामबन मास्टर प्लान में 34.44 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है, जिसमें 7 गाँव हैं। इसका लक्ष्य 2035 तक शहर की आबादी को 49,969 तक पहुँचाना है। योजना में बेहतर परिवहन, नदी तट विकास और औद्योगिक क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है। बनिहाल मास्टर प्लान में 19.72 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है, जिसमें 8 अतिरिक्त गाँव हैं। इसका उद्देश्य 2035 तक जनसंख्या को 36,000 तक बढ़ाना है। इसमें एनएच-44 के साथ विकास, बस स्टैंड, कचरा प्रबंधन और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का प्रस्ताव है।
उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों के सभी सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा ताकि अंतिम मास्टर प्लान स्थानीय जरूरतों और आकांक्षाओं को सही मायने में दर्शा सके।
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रामबन। रामबन और बनिहाल कस्बों के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने से पहले सोमवार को नागरिकों और हितधारकों के साथ बैठक हुई। उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और ग्रामीणों के सुझाव मांगे गए ताकि स्थानीय लोगों की चिंताओं को शामिल किया जा सके।
बैठक में मुख्य नगर नियोजक जगदीश राज हंस और वरिष्ठ नगर नियोजक मनोज कुमार ने मास्टर प्लान के उद्देश्यों और विशेषताओं को समझाया। उनका कहना था कि इन योजनाओं का लक्ष्य दोनों कस्बों में व्यवस्थित और टिकाऊ शहरी विकास करना है। लोगों ने भूमि उपयोग, जल निकासी, बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढाँचे से संबंधित कई सवाल उठाए, जिस पर अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया और आश्वस्त किया कि उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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उपायुक्त ने विशेष रूप से जल निकासी व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने परनोते क्षेत्र में होने वाले भूमि अवतलन (land subsidence) और आगामी सावलकोट जल विद्युत परियोजना के संभावित प्रभाव को भी योजना में शामिल करने को कहा।
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रामबन मास्टर प्लान में 34.44 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है, जिसमें 7 गाँव हैं। इसका लक्ष्य 2035 तक शहर की आबादी को 49,969 तक पहुँचाना है। योजना में बेहतर परिवहन, नदी तट विकास और औद्योगिक क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है। बनिहाल मास्टर प्लान में 19.72 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है, जिसमें 8 अतिरिक्त गाँव हैं। इसका उद्देश्य 2035 तक जनसंख्या को 36,000 तक बढ़ाना है। इसमें एनएच-44 के साथ विकास, बस स्टैंड, कचरा प्रबंधन और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का प्रस्ताव है।
उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों के सभी सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा ताकि अंतिम मास्टर प्लान स्थानीय जरूरतों और आकांक्षाओं को सही मायने में दर्शा सके।