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Udhampur News: मूसलाधार बारिश व तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, आसमानी बिजली गिरने से युवती की मौत, एक घायल
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चिनैनी में नगुलता नाला पार करते समय थमी सांसें, रियासी में उखड़े पेड़
उधमपुर में छह डिग्री गिरा पारा, 10 तक राहत के आसार नहीं
उधमपुर/चिनैनी/रियासी। जम्मू संभाग में शुक्रवार को कुदरत के दो रूप देखने को मिले। चिलचिलाती गर्मी से बेहाल लोगों को मूसलाधार बारिश ने राहत दी। वहीं तेज तूफान और उफनते नालों ने तबाही मचाते हुए जनजीवन को पटरी से उतार दिया। उधमपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्र डुडू में आसमानी बिजली गिरने के कारण युवती पुष्पा देवी पुत्री राजेंद्र कुमार निवासी मोडा लापा की मौत हो गई। पुष्पा देवी भेड़ चराने गई थी। करीब 20 भेड़ें भी हादसे का शिकार हो गईं। एक व्यक्ति भी घायल हो गया। देवी दित्त (38) को लाटी अस्पताल लाया, जहां हालत स्थिर बताई जा रही है। दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक इसी तरह का मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है।
सबसे खराब स्थिति चिनैनी-पट्टनगढ़ मार्ग पर देखने को मिली। दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के बाद नगुलता नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहनों के पहिए थम गए और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय राजेंद्र कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि नाले में आए मलबे और बड़े पत्थरों के कारण पैदल चलना जानलेवा साबित हो रहा था। इस दौरान कई कर्मचारी और राहगीर घंटों बीच रास्ते में फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले पर पुल निर्माण की मांग दशकों पुरानी है लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण हर बारिश में लोगों की जान जोखिम में रहती है।
उखड़े पेड़ और टूटे बिजली के तार
रियासी में सुबह पांच बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। ज्योतिपुरम मार्ग पर मिनी सचिवालय के सामने विशाल आम का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर जा गिरा जिससे बिजली के तार टूट गए और साइन बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया। किश्तवाड़ में तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ। तापमान में अचानक आई गिरावट के कारण लोगों को दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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गर्मी से मिली राहत पर बदहाल सड़कों ने बढ़ाई मुसीबत
उधमपुर शहर में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो मंगलवार के मुकाबले छह डिग्री कम रहा। बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और फिसलन के खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के लिए अमृत
मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश फसलों के लिए नमी का काम करेगी जिससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल खेतों में उर्वरक का छिड़काव न करें और जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।
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उधमपुर में छह डिग्री गिरा पारा, 10 तक राहत के आसार नहीं
उधमपुर/चिनैनी/रियासी। जम्मू संभाग में शुक्रवार को कुदरत के दो रूप देखने को मिले। चिलचिलाती गर्मी से बेहाल लोगों को मूसलाधार बारिश ने राहत दी। वहीं तेज तूफान और उफनते नालों ने तबाही मचाते हुए जनजीवन को पटरी से उतार दिया। उधमपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्र डुडू में आसमानी बिजली गिरने के कारण युवती पुष्पा देवी पुत्री राजेंद्र कुमार निवासी मोडा लापा की मौत हो गई। पुष्पा देवी भेड़ चराने गई थी। करीब 20 भेड़ें भी हादसे का शिकार हो गईं। एक व्यक्ति भी घायल हो गया। देवी दित्त (38) को लाटी अस्पताल लाया, जहां हालत स्थिर बताई जा रही है। दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक इसी तरह का मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है।
सबसे खराब स्थिति चिनैनी-पट्टनगढ़ मार्ग पर देखने को मिली। दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के बाद नगुलता नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहनों के पहिए थम गए और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय राजेंद्र कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि नाले में आए मलबे और बड़े पत्थरों के कारण पैदल चलना जानलेवा साबित हो रहा था। इस दौरान कई कर्मचारी और राहगीर घंटों बीच रास्ते में फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले पर पुल निर्माण की मांग दशकों पुरानी है लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण हर बारिश में लोगों की जान जोखिम में रहती है।
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उखड़े पेड़ और टूटे बिजली के तार
रियासी में सुबह पांच बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। ज्योतिपुरम मार्ग पर मिनी सचिवालय के सामने विशाल आम का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर जा गिरा जिससे बिजली के तार टूट गए और साइन बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया। किश्तवाड़ में तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ। तापमान में अचानक आई गिरावट के कारण लोगों को दोबारा गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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गर्मी से मिली राहत पर बदहाल सड़कों ने बढ़ाई मुसीबत
उधमपुर शहर में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो मंगलवार के मुकाबले छह डिग्री कम रहा। बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और फिसलन के खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के लिए अमृत
मुख्य कृषि अधिकारी हरबंस सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश फसलों के लिए नमी का काम करेगी जिससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल खेतों में उर्वरक का छिड़काव न करें और जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।