{"_id":"62bb46cf914fc2433b12da45","slug":"protest-udhampur-news-jmu2628826160","type":"story","status":"publish","title_hn":"हक मिलने के बाद ही खत्म होगी हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हक मिलने के बाद ही खत्म होगी हड़ताल
विज्ञापन
उधमपुर: अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए पीएचई कर्मचारी.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रही। इस दौरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बार हक लेने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
जल शक्ति इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला प्रधान सोमनाथ के नेतृत्व में अस्थायी कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 11 नवंबर 2020 को उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया था कि सबको जल्द स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी ऐसा हो न सका। इसके अलावा करीब पांच वर्ष का वेतन भी रोक रखा है।
उन्होंने कहा कि वेतन न देकर सरकार कर्मचारियों पर अत्याचार कर रही है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू न होने से सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसलिए, करीब एक सप्ताह से सभी कर्मचारी हड़ताल कर रोष प्रकट कर रहे हैं। इसी को लेकर बुधवार को जम्मू में बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली के जरिये सरकार को होश में लाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, हड़ताल के चलते मंगलवार को भी शहर व ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। जलापूर्ति न होने से लोग प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी भरने पहुंच रहे हैं। साथ ही लोग पानी का टैंकर मंगवाकर गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों की परेशानी प्रतिदिन बढ़ रही है।
विज्ञापन
जल शक्ति इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला प्रधान सोमनाथ के नेतृत्व में अस्थायी कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 11 नवंबर 2020 को उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया था कि सबको जल्द स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी ऐसा हो न सका। इसके अलावा करीब पांच वर्ष का वेतन भी रोक रखा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वेतन न देकर सरकार कर्मचारियों पर अत्याचार कर रही है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू न होने से सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसलिए, करीब एक सप्ताह से सभी कर्मचारी हड़ताल कर रोष प्रकट कर रहे हैं। इसी को लेकर बुधवार को जम्मू में बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली के जरिये सरकार को होश में लाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, हड़ताल के चलते मंगलवार को भी शहर व ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। जलापूर्ति न होने से लोग प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी भरने पहुंच रहे हैं। साथ ही लोग पानी का टैंकर मंगवाकर गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों की परेशानी प्रतिदिन बढ़ रही है।