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गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी लांदर के बच्चों का भविष्य अंधेरे में
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पंचैरी के लांदर में स्कूल में स्टाफ की कमी दूर करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल लांदर में शिक्षकों की भारी कमी है। इसको लेकर मंगलवार को छात्रों के साथ स्थानीय लोगों ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा निदेशक जम्मू व मुुुख्य शिक्षा अधिकारी उधमपुर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि जल्द स्कूल में पूरा स्टाफ उपलब्ध करवाया जाए। अन्यथा चार दिन के बाद वे शिक्षा विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सरपंच ने कहा कि 9वीं से 12वीं तक के उक्त स्कूल में व्याख्याता के कुल 15 पद मंजूर हैं। इनमें से 12 खाली पडे़ हैं।
उन्होंने कहा कि एक पद मास्टर का रिक्त है, और नॉन टीचिंग स्टॉफ के 17 पदों में से 12 खाली पडे़ हैं। इससे लांदर, डिग्गी, लटयार, कंसाल, कारचा धंदौता, सदौता, गलियोत, कुल्टियार, आदि गांवों से स्कूल में पढ़ने वाले कुल 636 (9वीं के 129, 10वीं के 106, 11वीं के 195, 12वीं के 170) विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। क्योंकि, इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र तीन व्याख्याता (हिंदी, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान) हैं। इसके अलावा एक मास्टर और तीन अध्यापक तैनात हैं। अंग्रेजी, इतिहास, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कंप्यूटर, गणित, आदि के लिए व्याख्याता नहीं हैं।
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पूर्व सरपंच ने कहा कि काफी समय से इस समस्या से जूझ रहे स्कूल के छात्रों ने परेशान होकर उग्र आंदोलन करने का मन बनाया था। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने फिलहाल इसे स्थगित करवा दिया है। लेकिन, अगर उक्त मामले पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे छात्रों को आंदोलन करने से नहीं रोक पाएंगे। बाद में उनकी तरफ से इस मामले को लेकर तहसीलदार मोंगरी के माध्यम से जिला विकास आयुक्त को एक ज्ञापन भी भेजा।
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प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा निदेशक जम्मू व मुुुख्य शिक्षा अधिकारी उधमपुर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि जल्द स्कूल में पूरा स्टाफ उपलब्ध करवाया जाए। अन्यथा चार दिन के बाद वे शिक्षा विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सरपंच ने कहा कि 9वीं से 12वीं तक के उक्त स्कूल में व्याख्याता के कुल 15 पद मंजूर हैं। इनमें से 12 खाली पडे़ हैं।
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उन्होंने कहा कि एक पद मास्टर का रिक्त है, और नॉन टीचिंग स्टॉफ के 17 पदों में से 12 खाली पडे़ हैं। इससे लांदर, डिग्गी, लटयार, कंसाल, कारचा धंदौता, सदौता, गलियोत, कुल्टियार, आदि गांवों से स्कूल में पढ़ने वाले कुल 636 (9वीं के 129, 10वीं के 106, 11वीं के 195, 12वीं के 170) विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। क्योंकि, इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र तीन व्याख्याता (हिंदी, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान) हैं। इसके अलावा एक मास्टर और तीन अध्यापक तैनात हैं। अंग्रेजी, इतिहास, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कंप्यूटर, गणित, आदि के लिए व्याख्याता नहीं हैं।
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पूर्व सरपंच ने कहा कि काफी समय से इस समस्या से जूझ रहे स्कूल के छात्रों ने परेशान होकर उग्र आंदोलन करने का मन बनाया था। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने फिलहाल इसे स्थगित करवा दिया है। लेकिन, अगर उक्त मामले पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे छात्रों को आंदोलन करने से नहीं रोक पाएंगे। बाद में उनकी तरफ से इस मामले को लेकर तहसीलदार मोंगरी के माध्यम से जिला विकास आयुक्त को एक ज्ञापन भी भेजा।