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जखैनी इलाके में अतिक्रमण हटाने के विरोध में प्रदर्शन
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उधमपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नेशनल हाईवे अथारिटी की तरफ से विशेष अभियान छेड़ा गया। जखैनी इलाके में लोगों ने इसके विरोध में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। लोगों ने राजमार्ग को भी बंद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने कामयाब होने नहीं दिया। लोग रोते रहे, लेकिन टीम ने किसी की कोई नहीं सुनीं और अतिक्रमण हटाकर काम को पूरा किया।
नेशनल हाईवे अथारिटी की टीम राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों के साथ सुबह जखैनी इलाके में पहुंची। सबसे पहले टीम ने राजमार्ग के किनारे पर बनाए खोखे गिराए। इसके बाद दोपहर में टीम ने पक्की इमारत को गिराया। जब टीम पक्की इमारत को गिराने के लिए पहुंची तो डुबडुबा बस्ती के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
लोगों ने पत्थरों से राजमार्ग को बंद कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले तो राजस्व विभाग और पुलिस की टीमों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें राजमार्ग से हटाया। इसके बाद नेशनल हाईवे अथारिटी की जेसीबी ने पक्की इमारत को गिरा दिया।
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मौके पर मौजूद पूर्व पंच सूरमी देवी ने कहा कि उनकी बस्ती को पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने बनाया था। उनके पास जमीन के कागजात मौजूद हैं। अगर लोगों का मकान राजमार्ग के निर्माण के अधीन आया है, तो पहले लोगों को मुआवजा देना चाहिए। बिना मुआवजे के ही मकान को गिराना गलत है। वह इसका विरोध करते हैं।
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नेशनल हाईवे अथारिटी की टीम राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों के साथ सुबह जखैनी इलाके में पहुंची। सबसे पहले टीम ने राजमार्ग के किनारे पर बनाए खोखे गिराए। इसके बाद दोपहर में टीम ने पक्की इमारत को गिराया। जब टीम पक्की इमारत को गिराने के लिए पहुंची तो डुबडुबा बस्ती के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
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लोगों ने पत्थरों से राजमार्ग को बंद कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले तो राजस्व विभाग और पुलिस की टीमों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें राजमार्ग से हटाया। इसके बाद नेशनल हाईवे अथारिटी की जेसीबी ने पक्की इमारत को गिरा दिया।
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मौके पर मौजूद पूर्व पंच सूरमी देवी ने कहा कि उनकी बस्ती को पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने बनाया था। उनके पास जमीन के कागजात मौजूद हैं। अगर लोगों का मकान राजमार्ग के निर्माण के अधीन आया है, तो पहले लोगों को मुआवजा देना चाहिए। बिना मुआवजे के ही मकान को गिराना गलत है। वह इसका विरोध करते हैं।