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रानी लक्ष्मीबाई का जीवन करेगा आत्मविश्वास व ऊर्जा का संचार
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फोटो...एबीवीपी ने रानी झंसी की जयंती मनाई।
- फोटो : UDHAMPUR
किश्तवाड़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की किश्तवाड़ इकाई ने विभिन्न शिक्षा संस्थानों में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई। कॉलेज के साथ भारतीय विद्या मंदिर हाई स्कूल, गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल और एबीएन हाई स्कूल ने इस कार्यक्रम को अपने स्तर पर मनाया, जिसमें एबीवीपी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और इतिहास को याद करना था, जिन्होंने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत में एबीवीपी के नगर अध्यक्ष विक्रम ने लड़कियों से रानी लक्ष्मीबाई के बारे में पढ़ने और खुद को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने का आग्रह किया। बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और कभी भी उनके सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बजाय अपनी मातृभूमि के लिए मरना चुना। रानी लक्ष्मीबाई सबसे महान योद्धाओं में से एक थीं, जिन्होंने गुलामी की श्रृंखला को तोड़ने और क्रूर कंपनी ताकतों से आजादी पाने के लिए अपना बलिदान दिया।
प्रो. सरिता परिहार ने कहा कि महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रानी लक्ष्मीबाई इनमें अग्रणी थीं। लड़कियों को उनके बारे में पढ़ना चाहिए। यह उनके जीवन को प्रभावित करेगा, और उनके अंदर आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार करेगा। महिलाओं के योगदान के बिना स्वतंत्रता प्राप्त करना असंभव था। यह आज भी लागू होता है कि महिलाओं के योगदान के बिना कोई भी राष्ट्र सर्वश्रेष्ठ नहीं बन सकता। कार्यक्रम में जीडीसी किश्तवाड़ के प्रिंसिपल प्रो. अनिरुद्ध शर्मा मुख्यातिथि थे। मौके पर एबीवीपी की नगर सचिव राधिका, वासु शर्मा, अंकिता, अमित और प्रवक्ताओं में अक्षय भी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत में एबीवीपी के नगर अध्यक्ष विक्रम ने लड़कियों से रानी लक्ष्मीबाई के बारे में पढ़ने और खुद को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने का आग्रह किया। बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और कभी भी उनके सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बजाय अपनी मातृभूमि के लिए मरना चुना। रानी लक्ष्मीबाई सबसे महान योद्धाओं में से एक थीं, जिन्होंने गुलामी की श्रृंखला को तोड़ने और क्रूर कंपनी ताकतों से आजादी पाने के लिए अपना बलिदान दिया।
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प्रो. सरिता परिहार ने कहा कि महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रानी लक्ष्मीबाई इनमें अग्रणी थीं। लड़कियों को उनके बारे में पढ़ना चाहिए। यह उनके जीवन को प्रभावित करेगा, और उनके अंदर आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार करेगा। महिलाओं के योगदान के बिना स्वतंत्रता प्राप्त करना असंभव था। यह आज भी लागू होता है कि महिलाओं के योगदान के बिना कोई भी राष्ट्र सर्वश्रेष्ठ नहीं बन सकता। कार्यक्रम में जीडीसी किश्तवाड़ के प्रिंसिपल प्रो. अनिरुद्ध शर्मा मुख्यातिथि थे। मौके पर एबीवीपी की नगर सचिव राधिका, वासु शर्मा, अंकिता, अमित और प्रवक्ताओं में अक्षय भी मौजूद रहे।

फोटो...एबीवीपी ने रानी झंसी की जयंती मनाई। कालेज और स्कूलों में- फोटो : UDHAMPUR
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