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Udhampur News: समाज के प्रति महारानी अहिल्या बाई के योगदान को किया याद
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- महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में शहर के वार्ड नंबर 12 शिव नगर में मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर और महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई सरकारी योजनाओं को लाभ उठाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में समाजसेवी बिमला देवी ने सत्संग के माध्यम से महिलाओं को नारी शक्ति का संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद एडवोकेट सुहानी कटोच ने अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महारानी होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी तथा इतिहास-प्रसिद्ध सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खण्डेराव की धर्मपत्नी थीं। माहेश्वर को राजधानी बनाकर शासन किया।
अहिल्याबाई ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बंधवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-काशी विश्वनाथ में शिवलिंग को स्थापित किया, भूखों के लिए अन्न क्षेत्र खोले, प्यासों के लिए प्याऊ स्थापित किए, मंदिरों में शास्त्रों के मनन-चिन्तन और प्रवचन हेतु विद्वानों की नियुक्ति की। महिलाओं को उनके जीवन से सबके लेना चाहिए किस तरह समाज के प्रति अपना योगदान देकर एक समृद्ध और जन सेवक शासक के रूप में भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत सरकार की ओर से आत्मनिर्भर बनाए जाने और आर्थिक रूप से दी जाने वाली मदद की भी जानकारी प्रदान की। जिसके माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार कर खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में शहर के वार्ड नंबर 12 शिव नगर में मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर और महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई सरकारी योजनाओं को लाभ उठाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में समाजसेवी बिमला देवी ने सत्संग के माध्यम से महिलाओं को नारी शक्ति का संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद एडवोकेट सुहानी कटोच ने अहिल्याबाई होलकर की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महारानी होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी तथा इतिहास-प्रसिद्ध सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खण्डेराव की धर्मपत्नी थीं। माहेश्वर को राजधानी बनाकर शासन किया।
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अहिल्याबाई ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बंधवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-काशी विश्वनाथ में शिवलिंग को स्थापित किया, भूखों के लिए अन्न क्षेत्र खोले, प्यासों के लिए प्याऊ स्थापित किए, मंदिरों में शास्त्रों के मनन-चिन्तन और प्रवचन हेतु विद्वानों की नियुक्ति की। महिलाओं को उनके जीवन से सबके लेना चाहिए किस तरह समाज के प्रति अपना योगदान देकर एक समृद्ध और जन सेवक शासक के रूप में भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत सरकार की ओर से आत्मनिर्भर बनाए जाने और आर्थिक रूप से दी जाने वाली मदद की भी जानकारी प्रदान की। जिसके माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार कर खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकती हैं।