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Udhampur News: 100 दिन नहीं, पांच साल के लिए मिला है जनादेश
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जनता ने हमें 100 दिनों के लिए नहीं पांच साल के लिए वोट दिया है, इसलिए हमें अपना काम करने दें। उन्होंने माना कि जम्मू-कश्मीर पर शासन करना चुनौतीपूर्ण है। 2009 से 2015 के बीच यह आसान नहीं था। यह अब भी आसान नहीं है और मुझे नहीं लगता कि जम्मू-कश्मीर का कोई भी मुख्यमंत्री यह कह सकता है कि उसका कार्यकाल आसान था।
एक न्यूज एजेंसी के साथ साक्षात्कार में उमर ने कहा, हर किसी को किसी न किसी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस मामले में यह हमारे लिए एक नया अनुभव है। हम एक केंद्र शासित प्रदेश हैं। हम सीख रहे हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने भी इन परिस्थितियों में काम करना सीखा है। सरकार को लेकर पीडीपी की आलोचनाओं को उन्होंने खारिज किया। कहा, पीडीपी केवल हाल ही के चुनावों में मिली हार पर प्रतिक्रिया कर रही है। मुझे उम्मीद नहीं है कि पीडीपी हमारी सराहना करेगी।
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गर्मियों में जल संकट पर जताई चिंता
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें केंद्र सरकार से किसी तरह की नाराजगी है, अब्दुल्ला ने राजनीतिक दबाव के बजाय मौसम से उत्पन्न चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने आने वाली गर्मियों में गंभीर जल संकट पर चिंता व्यक्त की। अब्दुल्ला ने कहा, बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है। यह केंद्र की ओर से नहीं, लेफ्टिनेंट गवर्नर की ओर से नहीं, किसी अधिकारी की ओर से नहीं, बल्कि मौसम की वजह से है। यह गर्मी मुझे वाकई परेशान कर रही है। अगर यह जारी रही तो गर्मियों में हमें पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा। यह हमारी सबसे बड़ी समस्या होगी। उन्होंने इन कमियों के लिए तैयारी करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए संबंधित विभागों के साथ एक बैठक बुलाई है। मैं प्रार्थना करता हूं कि आने वाले दिनों में बारिश या बर्फबारी हो।
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बारामुला और बिलावर की घटनाओं की हो पारदर्शी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा, हाल ही में उत्तरी कश्मीर के बारामुला और जम्मू संभाग के कठुआ जिले के बिलावर में दो लोगों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण थी। मुझे लगता है कि इन घटनाओं को रोका जा सकता था। इनकी पारदर्शी जांच की जाए। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो कानून को अपना काम करना चाहिए। बिलावर में आतंकवाद में शामिल होने के आरोप में 25 वर्षीय मक्खनदीन ने कथित तौर पर पुलिस उत्पीड़न के बाद चार फरवरी को आत्महत्या कर ली थी। इसके एक दिन बाद उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में ट्रक चालक की सेना की गोलीबारी में मौत हो गई। उमर ने कहा, जहां तक लोगों का सवाल है, सरकार मौजूद है। हम यह नहीं कहेंगे कि सरकार में कौन जिम्मेदार है। यह हमारा सामूहिक कर्तव्य है और हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि ऐसी घटनाएं न हों। यही कारण है कि गृहमंत्री के साथ बातचीत में यह एक प्रमुख हिस्सा था।
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एक न्यूज एजेंसी के साथ साक्षात्कार में उमर ने कहा, हर किसी को किसी न किसी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस मामले में यह हमारे लिए एक नया अनुभव है। हम एक केंद्र शासित प्रदेश हैं। हम सीख रहे हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने भी इन परिस्थितियों में काम करना सीखा है। सरकार को लेकर पीडीपी की आलोचनाओं को उन्होंने खारिज किया। कहा, पीडीपी केवल हाल ही के चुनावों में मिली हार पर प्रतिक्रिया कर रही है। मुझे उम्मीद नहीं है कि पीडीपी हमारी सराहना करेगी।
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गर्मियों में जल संकट पर जताई चिंता
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें केंद्र सरकार से किसी तरह की नाराजगी है, अब्दुल्ला ने राजनीतिक दबाव के बजाय मौसम से उत्पन्न चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने आने वाली गर्मियों में गंभीर जल संकट पर चिंता व्यक्त की। अब्दुल्ला ने कहा, बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है। यह केंद्र की ओर से नहीं, लेफ्टिनेंट गवर्नर की ओर से नहीं, किसी अधिकारी की ओर से नहीं, बल्कि मौसम की वजह से है। यह गर्मी मुझे वाकई परेशान कर रही है। अगर यह जारी रही तो गर्मियों में हमें पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा। यह हमारी सबसे बड़ी समस्या होगी। उन्होंने इन कमियों के लिए तैयारी करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए संबंधित विभागों के साथ एक बैठक बुलाई है। मैं प्रार्थना करता हूं कि आने वाले दिनों में बारिश या बर्फबारी हो।
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बारामुला और बिलावर की घटनाओं की हो पारदर्शी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा, हाल ही में उत्तरी कश्मीर के बारामुला और जम्मू संभाग के कठुआ जिले के बिलावर में दो लोगों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण थी। मुझे लगता है कि इन घटनाओं को रोका जा सकता था। इनकी पारदर्शी जांच की जाए। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो कानून को अपना काम करना चाहिए। बिलावर में आतंकवाद में शामिल होने के आरोप में 25 वर्षीय मक्खनदीन ने कथित तौर पर पुलिस उत्पीड़न के बाद चार फरवरी को आत्महत्या कर ली थी। इसके एक दिन बाद उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में ट्रक चालक की सेना की गोलीबारी में मौत हो गई। उमर ने कहा, जहां तक लोगों का सवाल है, सरकार मौजूद है। हम यह नहीं कहेंगे कि सरकार में कौन जिम्मेदार है। यह हमारा सामूहिक कर्तव्य है और हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि ऐसी घटनाएं न हों। यही कारण है कि गृहमंत्री के साथ बातचीत में यह एक प्रमुख हिस्सा था।