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उधमपुर: जम्मू-कश्मीर में जल्द कराए जाएं चुनाव- हर्ष देव सिंह का केंद्र पर निशाना
Fri, 28 Oct 2022 12:54 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 12:54 PM IST
सार
हर्ष देव सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनावों की घोषणा कर दी है। चार साल हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में किसी न किसी बहाने से चुनावों से इनकार किया जा रहा है।
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उधमपुर: आम आदमी पार्टी के नेता हर्ष देव सिंह लोगों को संबोधित करते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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विस्तार
आम आदमी पार्टी के जम्मू-कश्मीर राज्य समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह ने प्रदेश में चुनावों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनावों की घोषणा कर दी है। दिल्ली एनसीआर में एमसीडी चुनाव के अलावा गुजरात चुनाव की तारीखों की घोषणा करने की तैयारी है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में चुनावों का कार्यक्रम घोषित नहीं हो रहा।
उधमपुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के कशीराह और बलियां गांवों में जनसभा को संबोधित करते हुए हर्ष देव सिंह ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जल्द ही गुजरात के लिए चुनावी बिगुल बजने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की संभावित तारीखों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा जा रहा। यह चौंकाने वाला है कि चार वर्षों से भाजपा के तानाशाही, छद्म शासन से पीड़ित जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली के प्रति चुनाव आयोग भी उदासीन है।
फरवरी 2019 में सीईसी की अध्यक्षता में पूर्ण चुनाव आयोग की जम्मू यात्रा को याद करते हुए हर्ष देव ने कहा कि भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने अप्रैल-मई 2019 में होने वाले विधानसभा और संसद के लिए एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया था। लेकिन, चुनाव आयोग ने भाजपा की सलाह से 2019 में चुनावों को अस्वीकार कर दिया। अब चार साल हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में किसी न किसी बहाने से चुनावों से इनकार किया जा रहा है।
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कहा कि भाजपा ने संवैधानिक गारंटी और यहां तक कि समय-समय पर इस विषय पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की धज्जियां उड़ाते हुए अपना छद्म शासन चलाना जारी रखा है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए जल्द चुनाव की आवश्यकता को दोहराते हुए हर्ष देव सिंह ने कहा कि इस संबंध में किसी भी देरी से न केवल लोकतंत्र को नुकसान होगा, बल्कि इससे अलगाव भी हो सकता है। इसलिए, जम्मू कश्मीर में अमन चैन की बहाली का एकमात्र उपाय जल्द चुनाव करवाना है। इसमें अब देरी नहीं की जानी चाहिए।
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उधमपुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के कशीराह और बलियां गांवों में जनसभा को संबोधित करते हुए हर्ष देव सिंह ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जल्द ही गुजरात के लिए चुनावी बिगुल बजने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की संभावित तारीखों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा जा रहा। यह चौंकाने वाला है कि चार वर्षों से भाजपा के तानाशाही, छद्म शासन से पीड़ित जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली के प्रति चुनाव आयोग भी उदासीन है।
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फरवरी 2019 में सीईसी की अध्यक्षता में पूर्ण चुनाव आयोग की जम्मू यात्रा को याद करते हुए हर्ष देव ने कहा कि भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने अप्रैल-मई 2019 में होने वाले विधानसभा और संसद के लिए एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया था। लेकिन, चुनाव आयोग ने भाजपा की सलाह से 2019 में चुनावों को अस्वीकार कर दिया। अब चार साल हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में किसी न किसी बहाने से चुनावों से इनकार किया जा रहा है।
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कहा कि भाजपा ने संवैधानिक गारंटी और यहां तक कि समय-समय पर इस विषय पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की धज्जियां उड़ाते हुए अपना छद्म शासन चलाना जारी रखा है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए जल्द चुनाव की आवश्यकता को दोहराते हुए हर्ष देव सिंह ने कहा कि इस संबंध में किसी भी देरी से न केवल लोकतंत्र को नुकसान होगा, बल्कि इससे अलगाव भी हो सकता है। इसलिए, जम्मू कश्मीर में अमन चैन की बहाली का एकमात्र उपाय जल्द चुनाव करवाना है। इसमें अब देरी नहीं की जानी चाहिए।