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विकास केवल कागजों और भाषणों तक सीमित : आजाद
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भद्रवाह। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को भद्रवाह का दौरा किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बनाने और अनुच्छेद 370 और 35 ए को निरस्त करने के बाद पहली बार यहां जनसभा को संबोधित किया। कम्युनिटी हॉल कोटली भद्रवाह में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने के बाद जम्मू-कश्मीर में लोग उपराज्यपाल शासन से तंग आ चुके हैं और अब वे अपनी समस्याओं के निवारण के लिए चुनी हुई सरकार चाहते हैं।
5 अगस्त 2019 के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि देश भर में लोग बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी के कारण पीड़ित हैं। आजाद ने लोगों से धर्म के आधार पर राजनीति करने वालों से दूर रहने का आह्वान किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूरे देश को कोरोना, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।
उन्होंने सर्दियों के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोगों के साथ धर्म या पार्टी की मान्यता के आधार पर व्यवहार करते हैं और समान रूप से न्याय प्रदान करने में असमर्थ हैं, उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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आजाद ने कहा, भारत वैसा नहीं रहा जैसा सात साल पहले था और इसी तरह, जम्मू-कश्मीर वैसा नहीं रहा जैसा तीन या चार साल पहले था। हम बहुत सारे बदलाव देख रहे हैं। हम पीछे की ओर जा रहे हैं। आजाद ने कहा, विकास केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित है, क्योंकि कार्य संस्कृति की कमी के कारण सभी विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने (कांग्रेस ने) कई परियोजनाएं शुरू की हैं जिनका उद्घाटन वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। आजाद ने कहा कि सिर्फ एक नई परियोजना दिखाइए, जो वर्तमान सरकार द्वारा स्वीकृत या शुरू की गई हो।
बड़े-बड़े दावे साबित हुए झूठ की पोटली
आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अपनी पर्यटन क्षमता, वन, जल, बिजली उत्पादन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के कारण आत्मनिर्भर है और कोई भी सरकार इसके लिए दावा नहीं कर सकती है। आजाद ने कहा कि खोखले और झूठे आश्वासन देकर लोगों को विकास के नाम पर बेवकूफ बनाया गया, लेकिन ये सारे बड़े-बड़े दावे झूठ की पोटली साबित हुए। आजाद ने कहा कि इस सरकार ने गरीब जनता से जमीनें छीनना शुरू कर दिया है। कोविड महामारी के बाद लोगों को किसी भी प्रकार का लाभ प्रदान करने की बजाय, गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
तीन सीटें बढ़ाने पर दिया जोर
जम्मू और कश्मीर के जिलों में विधानसभा सीटों के प्रस्तावित आवंटन पर परिसीमन आयोग के पहले मसौदे पर कहा कि आयोग ने जम्मू संभाग में छह नई सीटों और कश्मीर संभाग में एक को जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन मेरी राय के अनुसार, पीर-पंजाल और चिनाब घाटी के विशाल क्षेत्र को देखते हुए यहां 3 सीटें दी जानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान आजाद ने अधिकांश प्रतिभागियों द्वारा मास्क न पहनने पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि कोविड -19 अभी तक समाप्त नहीं हुआ है और हमें कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करना होगा।
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5 अगस्त 2019 के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि देश भर में लोग बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी के कारण पीड़ित हैं। आजाद ने लोगों से धर्म के आधार पर राजनीति करने वालों से दूर रहने का आह्वान किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूरे देश को कोरोना, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।
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उन्होंने सर्दियों के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोगों के साथ धर्म या पार्टी की मान्यता के आधार पर व्यवहार करते हैं और समान रूप से न्याय प्रदान करने में असमर्थ हैं, उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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आजाद ने कहा, भारत वैसा नहीं रहा जैसा सात साल पहले था और इसी तरह, जम्मू-कश्मीर वैसा नहीं रहा जैसा तीन या चार साल पहले था। हम बहुत सारे बदलाव देख रहे हैं। हम पीछे की ओर जा रहे हैं। आजाद ने कहा, विकास केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित है, क्योंकि कार्य संस्कृति की कमी के कारण सभी विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने (कांग्रेस ने) कई परियोजनाएं शुरू की हैं जिनका उद्घाटन वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। आजाद ने कहा कि सिर्फ एक नई परियोजना दिखाइए, जो वर्तमान सरकार द्वारा स्वीकृत या शुरू की गई हो।
बड़े-बड़े दावे साबित हुए झूठ की पोटली
आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अपनी पर्यटन क्षमता, वन, जल, बिजली उत्पादन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के कारण आत्मनिर्भर है और कोई भी सरकार इसके लिए दावा नहीं कर सकती है। आजाद ने कहा कि खोखले और झूठे आश्वासन देकर लोगों को विकास के नाम पर बेवकूफ बनाया गया, लेकिन ये सारे बड़े-बड़े दावे झूठ की पोटली साबित हुए। आजाद ने कहा कि इस सरकार ने गरीब जनता से जमीनें छीनना शुरू कर दिया है। कोविड महामारी के बाद लोगों को किसी भी प्रकार का लाभ प्रदान करने की बजाय, गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
तीन सीटें बढ़ाने पर दिया जोर
जम्मू और कश्मीर के जिलों में विधानसभा सीटों के प्रस्तावित आवंटन पर परिसीमन आयोग के पहले मसौदे पर कहा कि आयोग ने जम्मू संभाग में छह नई सीटों और कश्मीर संभाग में एक को जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन मेरी राय के अनुसार, पीर-पंजाल और चिनाब घाटी के विशाल क्षेत्र को देखते हुए यहां 3 सीटें दी जानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान आजाद ने अधिकांश प्रतिभागियों द्वारा मास्क न पहनने पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि कोविड -19 अभी तक समाप्त नहीं हुआ है और हमें कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करना होगा।