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शवों को नहीं निकालने पर भड़के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Mon, 22 Sep 2014 12:20 AM IST
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पंचैरी के सद्दल गांव में करीब पंद्रह दिन से मलबे के नीचे दबे शवों को बाहर निकालने की मांग को लेकर रविवार को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर राज्य सरकार का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य सरकार का सारा ध्यान कश्मीर की तरफ है, जबकि उधमपुर के पीड़ितों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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एडवोकेट संजीत कुमार के नेतृत्व में सुबह करीब 11 बजे सभी ने एकजुट होकर राज्य सरकार का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सुभाष अत्री, एडवोकेट स्वतंत्र देव कोतवाल, जगदेव सिंह जग्गा, मंजीत सिंह, गुरमीत सिंह, रोशन सिंह व अन्य कई शहरवासियों ने कहा कि छह सितंबर की रात को बारिश के कहर से पूरा सद्दल गांव तबाह हो गया था।
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इस हादसे में 18 परिवारों के करीब 40 लोग मलबे के नीचे दब मारे गए थे। 15 दिन में केवल 14 शव की बाहर निकाले जा सके हैं, जबकि अभी तक 26 शव मलबे के नीचे दबे हुए हैं। राज्य सरकार अगर चाहती तो तीन-चार दिन के अंदर ही सभी शव बाहर निकाल सकती थी, लेकिन उधमपुर को लेकर राज्य सरकार ने भेदभाव वाला रवैया ही अपनाया है।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर में बाढ़ आने पर राज्य सरकार की तरफ से युद्ध स्तर पर काम करवाया, लेकिन अभी तक राज्य सरकार ने सद्दल के हादसे को लेकर जिक्र तक नहीं किया है। मुख्यमंत्री अभी तक मृतकों के परिवार के सदस्यों व पीड़ितों की सुध तक लेने के लिए नहीं आए हैं। दिन ब दिन शव मलबे के नीचे खराब हो रहे हैं।
सरकार अगर चाहे तो जेसीबी मशीन मौके पर पहुंचा कर आज काम शुरू करवा सकती है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस भेदभाव को लेकर आज सभी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उनकी मांग है कि राज्य सरकार चंद दिनों में मलबे के नीचे दबे शवों को बाहर निकालने का काम करवाए। अगर सरकार ने कुछ नहीं किया तो सभी उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।