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रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग पर वाहनों में भूसे की तरह भरे जा रहे यात्री
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रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग पर ओवरलोड बस की छत पर बैठकर सफर करते छात्र
- फोटो : UDHAMPUR
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रामनगर। रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग पर चलने वाले यात्री वाहनों में यातायात नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से ओवरलोडिंग (क्षमता से अधिक भार) की जा रही है। इनमें यात्री भूसे की तरह भरे जा रहे हैं। इसके बावजूद विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
गाड़ियों में ओवरलोडिंग की समस्या के चलते गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल केया के छात्रों को स्कूल आने जाने के लिए अक्सर बसों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ता है। इन दिनों रामनगर-बसंतगढ मार्ग पर यह नजारा आम है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इससे संबंधित इलाकों के आम लोगों के साथ छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं।
उनका कहना है कि स्कूल आने जाने के लिए बसों के अलावा उनके पास कोई अन्य साधन नहीं है। लेकिन, इस मार्ग पर चलने वाली बसों में चालक अपने थोडे़ से फायदे के लिए लोगों की बेशकीमती जानों को जोखिम में डाल रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ओवरलोडिंग के कारण इस मार्ग पर कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, और कई लोगों ने जान भी गंवाई है।
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उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले यातायात विभाग ने रामनगर में एसओ की तैनाती की गई थी। लेकिन, मौजूदा समय में यातायात पुलिस कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मार्ग पर ओवरलोडिंग को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग भी मूकदर्शक बना हुआ है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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गाड़ियों में ओवरलोडिंग की समस्या के चलते गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल केया के छात्रों को स्कूल आने जाने के लिए अक्सर बसों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ता है। इन दिनों रामनगर-बसंतगढ मार्ग पर यह नजारा आम है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इससे संबंधित इलाकों के आम लोगों के साथ छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं।
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उनका कहना है कि स्कूल आने जाने के लिए बसों के अलावा उनके पास कोई अन्य साधन नहीं है। लेकिन, इस मार्ग पर चलने वाली बसों में चालक अपने थोडे़ से फायदे के लिए लोगों की बेशकीमती जानों को जोखिम में डाल रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ओवरलोडिंग के कारण इस मार्ग पर कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, और कई लोगों ने जान भी गंवाई है।
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उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले यातायात विभाग ने रामनगर में एसओ की तैनाती की गई थी। लेकिन, मौजूदा समय में यातायात पुलिस कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मार्ग पर ओवरलोडिंग को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग भी मूकदर्शक बना हुआ है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।