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Udhampur News: सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा गुज्जर में उर्दू शिक्षक नहीं
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ब्लॉक जगानू में मौजूद सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा गुज्जर।
- 80 बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक जगानू में मौजूद सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा गुज्जर में उर्दू शिक्षक न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मौजूदा समय में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगभग 80 है। पिछले एक साल से उर्दू शिक्षक न होने से बच्चों के अभिभावक भी परेशान हैं।
बता दें कि इस स्कूल में मुस्लिम समुदाय के अधिक बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। स्कूल में उर्दू विषय भी है लेकिन शिक्षक न होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। अभिभावक कई बार शिक्षा विभाग से स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। हालांकि सरकार की ओर से सभी सरकारी स्कूलों में उर्दू पढ़ाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होगा तो बच्चे कहां से पढ़ेंगे।
पूर्व सरपंच ओम प्रकाश ने बताया कि एक साल पहले स्कूल में उर्दू विषय का शिक्षक था, मौजूदा समय में कोई अध्यापक नहीं है। वह कई बार शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने एक बार फिर से विभाग से स्कूल में उर्दू शिक्षक भेजने की मांग की है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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कोट..
विभाग की ओर से जल्द प्रयास किए जाएंगे कि स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- कमल किशोर बडयाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ब्लॉक जगानू में मौजूद सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा गुज्जर में उर्दू शिक्षक न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मौजूदा समय में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगभग 80 है। पिछले एक साल से उर्दू शिक्षक न होने से बच्चों के अभिभावक भी परेशान हैं।
बता दें कि इस स्कूल में मुस्लिम समुदाय के अधिक बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। स्कूल में उर्दू विषय भी है लेकिन शिक्षक न होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। अभिभावक कई बार शिक्षा विभाग से स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। हालांकि सरकार की ओर से सभी सरकारी स्कूलों में उर्दू पढ़ाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होगा तो बच्चे कहां से पढ़ेंगे।
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पूर्व सरपंच ओम प्रकाश ने बताया कि एक साल पहले स्कूल में उर्दू विषय का शिक्षक था, मौजूदा समय में कोई अध्यापक नहीं है। वह कई बार शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने एक बार फिर से विभाग से स्कूल में उर्दू शिक्षक भेजने की मांग की है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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कोट..
विभाग की ओर से जल्द प्रयास किए जाएंगे कि स्कूल में उर्दू का शिक्षक लगाया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- कमल किशोर बडयाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी