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नगर पालिका समिति रामनगर के अध्यक्ष मक्खन लाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित
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उधमपुर/रामनगर। नगर पालिका रामनगर के अध्यक्ष मक्खन लाल अब अध्यक्ष नहीं रहे। उनके खिलाफ पार्षदों की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को पारित हो गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी अनीश गंडोत्रा ने कहा कि नगरपालिका के सभी 13 में से 12 पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। जिला विकास आयुक्त और निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर इस संबंध में बैठक बुलाने की मांग की थी। जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उनकी ओर से कानून के तहत अध्यक्ष को सात दिन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया था।
इसके तहत अध्यक्ष को बुधवार को होने वाली बैठक में अपना बहुमत साबित करना था। लेकिन, बैठक के दौरान अध्यक्ष सहित एक अन्य पार्षद बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। जबकि, शेष 11 पार्षदों में से चार ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ और छह पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला। एक पार्षद ने नोटा पर वोट डाला था। इसी के साथ अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अब मक्खन लाल अध्यक्ष नहीं रहे। कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि वह जल्द ही नगर पालिका रामनगर के खाली हुए अध्यक्ष पद को भरने के लिए डिप्टी मजिस्ट्रेट को पत्र लिखेंगे।
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अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल
ज्ञात है कि नगर पालिका के सभी पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अध्यक्ष ने शहर के विकास के लिए आए फंड का दुरुपयोग कर उसे अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए उपयोग किया है। साथ ही अध्यक्ष नगर पालिका के किसी भी फैसले में पार्षदों के साथ विचार विमर्श नहीं करते थे।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी अनीश गंडोत्रा ने कहा कि नगरपालिका के सभी 13 में से 12 पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। जिला विकास आयुक्त और निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर इस संबंध में बैठक बुलाने की मांग की थी। जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उनकी ओर से कानून के तहत अध्यक्ष को सात दिन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया था।
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इसके तहत अध्यक्ष को बुधवार को होने वाली बैठक में अपना बहुमत साबित करना था। लेकिन, बैठक के दौरान अध्यक्ष सहित एक अन्य पार्षद बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। जबकि, शेष 11 पार्षदों में से चार ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ और छह पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला। एक पार्षद ने नोटा पर वोट डाला था। इसी के साथ अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अब मक्खन लाल अध्यक्ष नहीं रहे। कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि वह जल्द ही नगर पालिका रामनगर के खाली हुए अध्यक्ष पद को भरने के लिए डिप्टी मजिस्ट्रेट को पत्र लिखेंगे।
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अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल
ज्ञात है कि नगर पालिका के सभी पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अध्यक्ष ने शहर के विकास के लिए आए फंड का दुरुपयोग कर उसे अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए उपयोग किया है। साथ ही अध्यक्ष नगर पालिका के किसी भी फैसले में पार्षदों के साथ विचार विमर्श नहीं करते थे।