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'प्यार मिले तो आसमान में दीप जला सकती हैं बेटियां'

Sat, 24 Jan 2015 12:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर Updated Sat, 24 Jan 2015 12:00 PM IST
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Met the love of parents and daughters can do anything

आज जब प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना को लांच किया तो समाज की सफल बेटियों का सीना फख्र से और ऊंचा हो गया। लेकिन कहीं न कहीं उनमें बेटियों समाज में हो रही उपेक्षा या कमतर आंके जाने की टीस भी है।

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जिले की पहली केएएस बनी सवा नूर ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं इसके लिए उन्हाेंने जीतोड़ मेहनत तो की है, लेकिन इसमें माता-पिता का भी पूरा सहयोग रहा। यदि वे नहीं पढ़ाए-लिखाए होते और हौसला नहीं बढ़ाते तो सफल नहीं हो पाते।
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नूर सवा ने कहा कि पेशे से शिक्षिका मां ने उसका मार्गदर्शन किया, जिसके कारण वह सफल हो पाई। उसने साफ कहा कि यदि माता-पिता का सहयोग मिले तो कोई भी बेटी मुकाम पर पहुंच सकती है। प्रतिभा की कमी नहीं होने के बावजूद कई बार परिवार और समाज की सोच के कारण वह घर में कैद होकर रह जाती हैं।
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सवा ने कहा कि अगर लड़का अगर एक घर का चिराग है तो लड़कियां दो घरों की रोशनी हैं। इसलिए लोगों को बेटियों के प्रति जो सोच है उसे बदलना होगा, तभी समाज और देश शिखर पर पहुंच सकता है।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति चिंताजनक
नूर सवा ने लड़कों की तुलना में लड़कियों के कम होते लिंगानुपात पर भी चिंता जताते हुए कहा कि आज भी कई ग्रामीण इलाकों में लोग लड़कियों को पढ़ाने में ज्यादा संजीदा नहीं हैं। लोग समाज के दोहरी मानसिकता के चलते लड़कियों को पराया धन समझ कर उनकी जल्दी शादी करवाने को ज्यादा तरजीह देते हैं।

प्रधानमंत्री की पहल सराहनीय
प्रधानमंत्री द्वारा वीरवार को हरियाणा से आरंभ की गई बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना को बेहद सराहनीय कदम बताया है।

उसने कहा कि इस योजना के तहत उन लड़कियों को भी पढ़ने-लिखने का मौका मिलेगा जो समाज की दोहरी मानसिकता के कारण शिक्षा से वंचित हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना के शुरू होने से लड़कियों के प्रति समाज के नजरिए को बदलने में सहायता मिलेगी।

समाज का नजरिया बदलना जरूरी
हरियाणा से इस योजना की शुरुआत पर सवा नूर ने कहा कि इस राज्य में लड़कियों के प्रति समाज का नजरिया काफी संकुचित रहा है। जबकि इसी राज्य ने पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के रूप में दिया, जिसने देश का गौरव बढ़ाया। इसलिए हरियाणा में यदि इस योजना से लोगों की सोच बदल गई तो पूरे देश में योजना सफल रहेगी।

अल्ला सबको बेटियां देता है, उसे मौका दें
अमर उजाला से बातचीत में सवा नूर की माता परवेज अख्तर व पिता नूर मोहम्मद ने भी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को उचित कदम बताया है। उन्हाेंने कहा कि उनकी बेटी ने न सिर्फ उनका, बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। अल्ला सभी को ऐसी बेटियां देता है।


बस जरूरत है तो इन बेटियों के प्रति अपनी कुंठित सोच और मानसिकता बदलने की। अगर बेटियों को मौका दिया जाए, उन्हें अच्छी तालीम दी जाए तो बेटियां भी समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है। आज देश की कई बेटियां देश का नाम रोशन कर रही है।

जबकि आज भी देश के कई राज्यों, जिलों व कस्बों में लड़कियां समाज द्वारा लड़कियों के प्रति अपनाई जा रही दोहरी मानसिकता का दंश झेल रही है।

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