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मयाड़ी वालों ने अपने दम पर घर-घर पहुंचाया पानी
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कटड़ा। धर्मनगरी से 10 किलोमीटर दूर जम्मू-कटड़ा मार्ग पर बसे मयाड़ी गांव के लोगों ने स्वयं पानी की किल्लत का स्थायी समाधान कर सरकार और जलशक्ति विभाग को आइना दिखाया है। मंगलवार को पानी की आपूर्ति शुरू होने पर भंडारा कर खुशी मनाई है।
स्थानीय निवासी सोहन लाल शर्मा, गोपाल लाल, सुरेंद्र कुमार, जीवन कुमार, सतीश कुमार, सत्या देवी, निशा देवी, बीना देवी, राधा देवी, आशा देवी व पूजा देवी ने बताया कि सरकार आजतक गांव में पानी की सुविधा देने में विफल रही है। इस कारण 200 की आबादी वाले गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट कर थक चुके थे। महिलाएं रोजाना तीन-चार बार एक किलोमीटर दूर बावली पानी ढोने के लिए मजबूर थीं। लेकिन बावली तक जाने के लिए नाला पार करना पड़ता था। बरसात में नाले का जलस्तर बढ़ने से लोगों को पानी तक नसीब नहीं होता था। विभाग गांव में दो सरकारी नल ही लगवा पाया है, जिनमें कभी कभार ही पानी आता है।
इसके बाद ग्रामीणों ने बबली को पक्का कर व मोटर लगाकर घर-घर पानी पहुंचा दिया है। इसके साथ ही एक टैंक का भी निर्माण किया है। इसमें दो लाख रुपए की लागत आई है। अभी कुछ कार्य शेष है जिसमें एक से डेढ़ लाख रुपए और खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की हर घर योजना का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है। इसके साथ ही विभाग ने भी नजरअंदाज किया है, जिस कारण सरकार और विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
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स्थानीय निवासी सोहन लाल शर्मा, गोपाल लाल, सुरेंद्र कुमार, जीवन कुमार, सतीश कुमार, सत्या देवी, निशा देवी, बीना देवी, राधा देवी, आशा देवी व पूजा देवी ने बताया कि सरकार आजतक गांव में पानी की सुविधा देने में विफल रही है। इस कारण 200 की आबादी वाले गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट कर थक चुके थे। महिलाएं रोजाना तीन-चार बार एक किलोमीटर दूर बावली पानी ढोने के लिए मजबूर थीं। लेकिन बावली तक जाने के लिए नाला पार करना पड़ता था। बरसात में नाले का जलस्तर बढ़ने से लोगों को पानी तक नसीब नहीं होता था। विभाग गांव में दो सरकारी नल ही लगवा पाया है, जिनमें कभी कभार ही पानी आता है।
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इसके बाद ग्रामीणों ने बबली को पक्का कर व मोटर लगाकर घर-घर पानी पहुंचा दिया है। इसके साथ ही एक टैंक का भी निर्माण किया है। इसमें दो लाख रुपए की लागत आई है। अभी कुछ कार्य शेष है जिसमें एक से डेढ़ लाख रुपए और खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की हर घर योजना का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है। इसके साथ ही विभाग ने भी नजरअंदाज किया है, जिस कारण सरकार और विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
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