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Udhampur News: पूजा-अर्चना के बाद खुलेेंगे प्राचीन गुफा के कपाट
Tue, 14 Jan 2025 12:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:22 AM IST
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स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा को आज पूजा के बाद खोला जाएगा। -संवाद
- फोटो : katra
श्रद्धालु प्राचीन गुफा में मां वैष्णो देवी के दर्शनों का बेसब्री से कर रहे इंतजार
कटड़ा । देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन स्वर्ण जड़ित गुफा के कपाट आज विधिवत पूजा अर्चना के बाद खुलेंगे। इसको लेकर मां वैष्णो देवी के श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पुजारियों और पंडितों ने मां वैष्णो देवी की स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। मगर पूजा अर्चना के बाद सर्वप्रथम पुजारियों के साथ ही पंडित और श्राइन बोर्ड सीईओ और अधिकारी गुफा में प्रवेश करेंगे ।
वहीं, देशभर से आने वाले मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को इस प्राचीन गुफा से दर्शन करने का इंतजार रहता है। विधिवत तरीके से मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए पंडितों ने विधिवत तरीके से पूजा करने के बाद मकर संक्रांति को प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए खुल जाएंगे।
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सुबह दिव्य आरती के बाद सबसे पहले पूजा-अर्चना करने के बाद मुख्य पुजारी सहित पंडित व श्राइन बोर्ड सहित अन्य अधिकारी दर्शन करेंगे। इसके बाद ही जैसे ही श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिलती है तो उसी वक्त श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा से दर्शनों का भी मौका दिया जाता है।
बाण गंगा, चरण पादुका सहित अर्धकुंवारी और प्राचीन गुफा में स्थापित भैरो बाबा का शरीर पत्थर की शीला के रूप में प्राचीन गुफा की प्राचीन मुख्य द्वार पर स्थापित है। शरीर के ऊपर से पांव रखकर मां के दर्शन करने के बाद और भैरो बाबा के दर्शन करने के बाद ही यात्रा सफल मानी जाती है। श्राइन बोर्ड के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या 10000 से 12000 तक होने पर यह प्राचीन गुफा के कपाट खोल व श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए भेजा जाता है या फिर रात या दिन के समय जिस समय भवन में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो इस गुफा से दर्शन करने का मौका मिलता है। मगर यह सब श्रद्धालुओं की संख्या पर निर्भर करता है। अगर मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ हुई तो श्रद्धालुओं को प्राचीन पवित्र गुफा के भीतर जाने का मौका कम ही मिल सकता है।
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कटड़ा । देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन स्वर्ण जड़ित गुफा के कपाट आज विधिवत पूजा अर्चना के बाद खुलेंगे। इसको लेकर मां वैष्णो देवी के श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पुजारियों और पंडितों ने मां वैष्णो देवी की स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। मगर पूजा अर्चना के बाद सर्वप्रथम पुजारियों के साथ ही पंडित और श्राइन बोर्ड सीईओ और अधिकारी गुफा में प्रवेश करेंगे ।
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वहीं, देशभर से आने वाले मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को इस प्राचीन गुफा से दर्शन करने का इंतजार रहता है। विधिवत तरीके से मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए पंडितों ने विधिवत तरीके से पूजा करने के बाद मकर संक्रांति को प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए खुल जाएंगे।
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सुबह दिव्य आरती के बाद सबसे पहले पूजा-अर्चना करने के बाद मुख्य पुजारी सहित पंडित व श्राइन बोर्ड सहित अन्य अधिकारी दर्शन करेंगे। इसके बाद ही जैसे ही श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिलती है तो उसी वक्त श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा से दर्शनों का भी मौका दिया जाता है।
बाण गंगा, चरण पादुका सहित अर्धकुंवारी और प्राचीन गुफा में स्थापित भैरो बाबा का शरीर पत्थर की शीला के रूप में प्राचीन गुफा की प्राचीन मुख्य द्वार पर स्थापित है। शरीर के ऊपर से पांव रखकर मां के दर्शन करने के बाद और भैरो बाबा के दर्शन करने के बाद ही यात्रा सफल मानी जाती है। श्राइन बोर्ड के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या 10000 से 12000 तक होने पर यह प्राचीन गुफा के कपाट खोल व श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए भेजा जाता है या फिर रात या दिन के समय जिस समय भवन में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो इस गुफा से दर्शन करने का मौका मिलता है। मगर यह सब श्रद्धालुओं की संख्या पर निर्भर करता है। अगर मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ हुई तो श्रद्धालुओं को प्राचीन पवित्र गुफा के भीतर जाने का मौका कम ही मिल सकता है।