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Udhampur News: संपूर्ण रूप से हुआ अदालत का कामकाज, लोगों की उपस्थिति कम रही
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कचहरी परिसर में पहुंचे लोग।
- भारत-पाक के बीच युद्ध विराम और सरकारी छुट्टियों के बाद मंगलवार को खुली कचहरी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। भारत-पाक के बीच तनाव के दौरान जिला अदालत परिसर में भी लगातार काम प्रभावित रहा। जिसका असर मंगलवार को भी देखने को मिला। तीन दिन तक लगातार कोर्ट बंद रहने के बावजूद मंगलवार भी लोगों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई।
7 मई से भारत-पाक के बीच शुरू हुए संघर्ष के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित रहा तो वहीं सरकारी कामकाज पर भी काफी असर देखने को मिला। खासकर जिला कोर्ट परिसर में हर रोज होने वाली अदालती कार्रवाई और अन्य सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित रहीं। बीते शनिवार को सुबह-सुबह हुए धमाकों की वजह से वकीलों ने सभी कामकाज स्थगित कर दिए थे। इसके बाद रविवार और सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के चलते दो दिन और अदालतें बंद रहीं। मंगलवार को कोर्ट खुलने पर आशंका जताई जा रही थी कि काफी भीड़ जुट सकती है और स्थगित हुए कामकाज को पूरा करने के लिए आम आदमी सहित वकील भी दौड़ भाग करते दिख सकते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम लोगों की मौजूदगी कोर्ट परिसर में रही। जिसकी वजह से अदालत परिसर में वर्कलोड भी अधिक नहीं रहा। कई लोगों की गैरमौजूदगी के कारण कुछ मामलों की सुनवाई या फिर आगे की कार्रवाई भी नहीं हो पाई। जिसकी मुख्य वजह लोगों में संघर्ष विराम के बावजूद स्थिति को लेकर असमंजस और कहीं न कहीं एक डर है कि कहीं फिर युद्ध शुरू न हो जाए।
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कोट...
कोर्ट परिसर में मंगलवार को सामान्य रूप से काम हुआ। कई दिनों तक काम प्रभावित होने से वर्कलोड बढ़ने की आशंका था लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। लोग बहुत जरूरी हो, तभी घरों से बाहर निकल रहे हैं। क्योंकि संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी पाकिस्तान की ओर से की गई कायराना हरकत से लोगों में कहीं न कहीं डर बना हुआ है।
- एडवोकेट सुरेंद्र खजूरिया, प्रधान, बार एसोसिएशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। भारत-पाक के बीच तनाव के दौरान जिला अदालत परिसर में भी लगातार काम प्रभावित रहा। जिसका असर मंगलवार को भी देखने को मिला। तीन दिन तक लगातार कोर्ट बंद रहने के बावजूद मंगलवार भी लोगों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई।
7 मई से भारत-पाक के बीच शुरू हुए संघर्ष के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित रहा तो वहीं सरकारी कामकाज पर भी काफी असर देखने को मिला। खासकर जिला कोर्ट परिसर में हर रोज होने वाली अदालती कार्रवाई और अन्य सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित रहीं। बीते शनिवार को सुबह-सुबह हुए धमाकों की वजह से वकीलों ने सभी कामकाज स्थगित कर दिए थे। इसके बाद रविवार और सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के चलते दो दिन और अदालतें बंद रहीं। मंगलवार को कोर्ट खुलने पर आशंका जताई जा रही थी कि काफी भीड़ जुट सकती है और स्थगित हुए कामकाज को पूरा करने के लिए आम आदमी सहित वकील भी दौड़ भाग करते दिख सकते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम लोगों की मौजूदगी कोर्ट परिसर में रही। जिसकी वजह से अदालत परिसर में वर्कलोड भी अधिक नहीं रहा। कई लोगों की गैरमौजूदगी के कारण कुछ मामलों की सुनवाई या फिर आगे की कार्रवाई भी नहीं हो पाई। जिसकी मुख्य वजह लोगों में संघर्ष विराम के बावजूद स्थिति को लेकर असमंजस और कहीं न कहीं एक डर है कि कहीं फिर युद्ध शुरू न हो जाए।
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कोट...
कोर्ट परिसर में मंगलवार को सामान्य रूप से काम हुआ। कई दिनों तक काम प्रभावित होने से वर्कलोड बढ़ने की आशंका था लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। लोग बहुत जरूरी हो, तभी घरों से बाहर निकल रहे हैं। क्योंकि संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी पाकिस्तान की ओर से की गई कायराना हरकत से लोगों में कहीं न कहीं डर बना हुआ है।
- एडवोकेट सुरेंद्र खजूरिया, प्रधान, बार एसोसिएशन