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Udhampur News: वेटरनरी अस्पताल में दवाइयों की कमी, पशुपालक परेशान

Mon, 25 Mar 2024 02:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Mon, 25 Mar 2024 02:30 AM IST
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Lack of medicines in veterinary hospital, animal husbandry worried
सिर्फ कीड़े मारने वाली दवा; दर्द, एंटी एलर्जी, स्किन इंफेक्शन और वैक्सीन ही उपलब्ध्र
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मवेशियों के इलाज के लिए अस्पताल में रोजाना आते हैं 50 पशुपालक
परवेज खान
उधमपुर। जिला वेटनरी अस्पताल में मौजूदा समय में सिर्फ कीड़े मारने वाली दवाई, दर्द, एंटी एलर्जी, स्किन इंफेक्शन के अलावा तीन प्रकार की वैक्सीन ही उपलब्ध है। रोजाना अस्पताल में 50 पशुपालक मवेशियों के इलाज के लिए आते हैं। जरूरत की दवाइयां अस्पताल में नहीं होने से पशु पालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिले में 2019 के सेंस के मुताबिक 2.85 लाख मवेशी थे। हर 5 साल के बाद जिले में पशुओं की जनगणना होती है। अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार अस्पताल में मवेशियों का इलाज कर रहे डाॅक्टरों के साथ पशुपालकों की भी बहसबाजी हो जाती है। वेटनरी अस्पताल में हर 4 महीने के बाद दवाइयों का स्टाॅक स्टेट लेबल परचेस कमेटी की ओर से खरीदकर भेजी जाती है। अस्पताल के डाॅक्टरों की मानें तो उन्होंने अस्पताल में दवाइयों की कमी को लेकर 2 महीने पहले ही कमेटी को लिखित में भेज दिया है।
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अस्पताल में नहीं है यह दवाइयां: जिला वेटनरी अस्पताल में कैलशियम, चिचड़ी के अलावा गाय व भैंस के दूध कम देने व प्रसव में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में सिर्फ पैन किल्लर, एंटी एलर्जी व इंजेक्शन के अलावा सिर्फ वैक्सीन ही उपलब्ध हैं। इसके चलते पशुपालकों ने अस्पताल प्रशासन से जरूरत की सभी दवाइयों को अस्पताल में उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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गर्मियों के आने पर पड़ती है कई प्रकार की दवाइयों की जरूरत: गर्मियों का मौसम आने पर गाय व भैसों को खासतौर पर चिचड़ी व कैल्शियम पाउडर व दूध न देने की बीमारी से पीड़ित गाय व भैंस के लिए यह दवाइयां जरूरी होती हैं। अभी तक अस्पताल में इन दवाइयों का कोटा खत्म हो चुका है। इसके चलते बीमारियों से पीड़ित मवेशियों को अगर पशुपालक अस्पताल लेकर आएंगे तो उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मवेशियों को दी जा रही है तीन प्रकार की वैक्सीन
जिला वेटनरी अस्पताल में मवेशियों को लंपी स्कीन बीमारी, फुट माउथ बीमारी, ब्रश लोसिस की वैक्सीन दी जा रही है। गौरतलब है कि 2 साल पहले लंपी स्किन बीमारी में गाय व भैंसों को खुजली, स्किन में दाने होना जैसी बीमारियों की शिकायतें आ रहीं थी। इसके लिए लगातार उन्हें वैक्सीन दी जा रही है। अगर हम फुट माउथ बीमारी की बात करें तो यह ज्यादातर गर्मियों के मौसम में होती है। इसमें मवेशियों के मुंह में छाले, सूजन, जीभ में दाने हो जाते हैं। इसलिए मवेशियों को बचाने के लिए उन्हें पिछले 2 साल से लगातार वैक्सीन लगाई जा रही है।

अस्पताल में जिन दवाइयों की कमी है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को लिखित में 2 महीने पहले ही भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में जरूरत की सारी दवाइयां उपलब्ध हो जाएंगी। जिला अस्पताल होने के चलते रोजाना कम से कम 50 पशुपालक गाय व भैंसों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों को लेकर इलाज करवाने के लिए आते हैं।
- डॉ. राजकुमार, असिस्टेंट सर्जन वेटनरी अस्पताल
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