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Udhampur News: एसएमवीडीयू में भारत की मातृभाषाओं का पुनर्निर्धारण पर करवाया राष्ट्रीय सम्मेलन

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Katra, SMVDU, National Conference
कटड़ा विश्वविद्यालय में कार्यक्रम से पहले ज्योति प्रज्वलित करते मुख्य मेहमान। स्रोत: विश्वविद्या
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) कटड़ा ने भारतीय भाषा परिवार ज्ञान संस्कृति और नीति में भारत की मातृभाषाओं का पुनर्निर्धारण विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
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यह कार्यक्रम भाषा एवं साहित्य संकाय और भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रकोष्ठ एसएमवीडीयू द्वारा भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। सम्मेलन का उद्घाटन कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने किया। उद्घाटन सत्र में जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय भाषाओं के लोकतांत्रिक महत्व और सार्वजनिक जीवन में भाषा राजनीति की समकालीन चुनौतियों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन के समन्वयकों में से एक डॉ. अनुराग कुमार ने गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि भारतीय भाषाएं न केवल सांस्कृतिक भंडार हैं बल्कि ज्ञान सृजन और लोकतांत्रिक भागीदारी की नींव भी हैं। आईकेएस सेल के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष वशिष्ठ और मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ. अमिताभ द्विवेदी ने भी सभा को संबोधित किया और शिक्षा, अनुसंधान और नीति निर्माण में भारतीय मातृभाषाओं को फिर से शामिल करने के महत्व पर बल दिया।
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शैक्षणिक सत्रों में डॉ. अमिताश ओझा आईआईटी जम्मू, डॉ. अनिल कुमार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और डॉ. सुभाष चंद्र जम्मू विश्वविद्यालय सहित प्रतिष्ठित आमंत्रित वक्ताओं ने भाग लिया, जिन्होंने ज्ञान उत्पादन सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन में भारतीय भाषाओं की भूमिका पर अपने विद्वतापूर्ण विचार साझा किए। सम्मेलन में देश भर के प्रतिष्ठित विद्वान संकाय सदस्य और छात्र एक साथ आए और शिक्षा अनुवाद डिजिटल संसाधनों और नीतिगत ढांचों के माध्यम से भारतीय भाषाओं को मजबूत करने के आह्वान के साथ समापन हुआ जो भाषाओं को प्रतिस्पर्धी के बजाय पूरक मानते हैं। संवाद
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