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Udhampur News: देसी-विदेशी फल-फूलों से सज रहा मां दरबार, नवरात्र में रंगबिरंगी रोशनियों के बीच होगी जय जयकार
Wed, 02 Oct 2024 04:15 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 02 Oct 2024 04:15 AM IST
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धर्मनगरी कटड़ा से लेकर भवन व गुफा क्षेत्र में तैयारियां जोर-शोर से जारी, देश दुनिया से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाए जा रहे स्वागत द्वार
300 से अधिक कारीगर तैयारियों को दे रहे अंतिम रूप
आदर्श आचार संहिता के चलते इस बार खलेगी नवरात्र महोत्सव की कमी
संजय शर्मा
कटड़ा। तीन अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर धर्मनगरी में तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। धर्मनगरी से लेकर यात्रा मार्ग, त्रिकुटा भवन और गुफा क्षेत्र को देसी विदेशी फल-फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार भी श्रद्धालुओं को फूलों की भीनी-भीनी खुश्बू और रंगबिरंगी रोशनियों के बीच मां के दीदार करने का मौका मिलेगी।
आदर्श आचार संहिता के चलते इस बार नवरात्र महोत्सव का आयोजन नहीं होेगा, जिसकी श्रद्धालुओं का काफी कमी खलेगी। हालांकि, सनातन धर्मसभा की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। साथ ही भवन में नौ दिन तक चलने वाले शतचंडी महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने और आहुतियां डालने का मौका मिलेगा।
भवन में सजावट के लिए 300 से ज्यादा कारीगर लगे हुए हैं। नवरात्र की पूर्व संध्या तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाना है। भवन के 500 मीटर क्षेत्र में कई क्विंटल ताजे फल-फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें रोजाना बदला जाएगा। विशेष रूप से फल व फूल न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, श्रीलंका, भूटान, मॉरिशस, कनाडा और इंग्लैंड आदि देशों से मंगवाए गए हैं।
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इनकी वजह से श्रद्धालुओं को रंगबिरंगी रोशनी व भीनी-भीनी सुगंध के बीच मां के दीदार करने का मौका मिलेगा। इसके अतिरिक्त अर्दकुंवारी, चरणपादुका, दर्शनी ड्योढ़ी आदि क्षेत्रों में भी सजावट की जा रही है। (संवाद)
इस बार यह कार्यक्रम नहीं होंगे
धर्मनगरी में इस बार नवरात्र महोत्सव नहीं होगा। इसमें भेंट प्रतियेागिता, अंतरराष्ट्रीय दंगल, हास्य व्यंग, श्रीमद्भागवत कथा सहित सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे।
धर्मनगरी में इस बार यह होंगे कार्यक्रम
सनातन धर्म सभी की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें प्रथम नवरात्र पर सुंदरकांड का पाठ सुबह मुख्य श्रीधर चौक में होगा। दूसरे नवरात्र पर शाम को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें डोगरी संस्कृति के साथ ही विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। अंतिम नवरात्र के दिन भी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा अन्य पांच दिन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें धार्मिक लेखन प्रतियोगिता, चित्र प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता आदि शामिल हैं। वहीं, अंतिम दो नवरात्र में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसे लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बैठक में सनातन धर्म सभा के वरिष्ठ सदस्य अजय शर्मा, रतनलाल शर्मा, शिवकुमार शर्मा, प्रवीण सिंह सहित स्कूलों के संचालक और प्रमुख शामिल रहे।
शतचंडी महा यज्ञ कल से, 31 विद्वान पंडित करेंगे पूजा
नवरात्र में हर बार की तरह इस बार भी भवन में नौ शतचंडी महायज्ञ का यज्ञशाला में आयोजन होगा। इसमें पांच कुंड बनाए गए हैं। यह महायज्ञ पहले नवरात्र से शुरू होगा। वार्षिक शतचंडी महायज्ञ का विधिवत पूजा-अर्चना से आगाज किया जाएगा। करीब 31 विद्वान पंडित पूजा-अर्चना करेंगे। श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग के साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले दिन पूजा में हवन में शामिल होंगे। अंतिम नवरात्र पर पूर्णाहुति के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया जाएगा। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एवं उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के बुधवार शाम पहुंचने की संभावना है।
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300 से अधिक कारीगर तैयारियों को दे रहे अंतिम रूप
आदर्श आचार संहिता के चलते इस बार खलेगी नवरात्र महोत्सव की कमी
संजय शर्मा
कटड़ा। तीन अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर धर्मनगरी में तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। धर्मनगरी से लेकर यात्रा मार्ग, त्रिकुटा भवन और गुफा क्षेत्र को देसी विदेशी फल-फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार भी श्रद्धालुओं को फूलों की भीनी-भीनी खुश्बू और रंगबिरंगी रोशनियों के बीच मां के दीदार करने का मौका मिलेगी।
आदर्श आचार संहिता के चलते इस बार नवरात्र महोत्सव का आयोजन नहीं होेगा, जिसकी श्रद्धालुओं का काफी कमी खलेगी। हालांकि, सनातन धर्मसभा की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। साथ ही भवन में नौ दिन तक चलने वाले शतचंडी महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने और आहुतियां डालने का मौका मिलेगा।
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भवन में सजावट के लिए 300 से ज्यादा कारीगर लगे हुए हैं। नवरात्र की पूर्व संध्या तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाना है। भवन के 500 मीटर क्षेत्र में कई क्विंटल ताजे फल-फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें रोजाना बदला जाएगा। विशेष रूप से फल व फूल न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, श्रीलंका, भूटान, मॉरिशस, कनाडा और इंग्लैंड आदि देशों से मंगवाए गए हैं।
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इनकी वजह से श्रद्धालुओं को रंगबिरंगी रोशनी व भीनी-भीनी सुगंध के बीच मां के दीदार करने का मौका मिलेगा। इसके अतिरिक्त अर्दकुंवारी, चरणपादुका, दर्शनी ड्योढ़ी आदि क्षेत्रों में भी सजावट की जा रही है। (संवाद)
इस बार यह कार्यक्रम नहीं होंगे
धर्मनगरी में इस बार नवरात्र महोत्सव नहीं होगा। इसमें भेंट प्रतियेागिता, अंतरराष्ट्रीय दंगल, हास्य व्यंग, श्रीमद्भागवत कथा सहित सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे।
धर्मनगरी में इस बार यह होंगे कार्यक्रम
सनातन धर्म सभी की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें प्रथम नवरात्र पर सुंदरकांड का पाठ सुबह मुख्य श्रीधर चौक में होगा। दूसरे नवरात्र पर शाम को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें डोगरी संस्कृति के साथ ही विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। अंतिम नवरात्र के दिन भी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा अन्य पांच दिन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें धार्मिक लेखन प्रतियोगिता, चित्र प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता आदि शामिल हैं। वहीं, अंतिम दो नवरात्र में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसे लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बैठक में सनातन धर्म सभा के वरिष्ठ सदस्य अजय शर्मा, रतनलाल शर्मा, शिवकुमार शर्मा, प्रवीण सिंह सहित स्कूलों के संचालक और प्रमुख शामिल रहे।
शतचंडी महा यज्ञ कल से, 31 विद्वान पंडित करेंगे पूजा
नवरात्र में हर बार की तरह इस बार भी भवन में नौ शतचंडी महायज्ञ का यज्ञशाला में आयोजन होगा। इसमें पांच कुंड बनाए गए हैं। यह महायज्ञ पहले नवरात्र से शुरू होगा। वार्षिक शतचंडी महायज्ञ का विधिवत पूजा-अर्चना से आगाज किया जाएगा। करीब 31 विद्वान पंडित पूजा-अर्चना करेंगे। श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग के साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले दिन पूजा में हवन में शामिल होंगे। अंतिम नवरात्र पर पूर्णाहुति के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया जाएगा। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एवं उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के बुधवार शाम पहुंचने की संभावना है।