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शहीद मेजर रोहित को सैन्य सम्मान के साथ देविकानगरी में दी गई अंतिम विदाई
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नोएडा व पंचकूला के विशेष ध्यानार्थ ------------------------------------- उधमपुर के देविका शमशान घाट पर शहीद मेजर रोहित क?
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। पटनीटॉप के नजदीक शिवगढ़ धार में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए मेजर रोहित कुमार को देविकानगरी में बुधवार को राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी, चार वर्ष की बेटी, माता, पिता, सेना के अधिकारी, जवान, जिला प्रशासन के अधिकारी और देविकानगरी के सैकड़ों लोग मौजूद थे। अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम थी। वहीं मेजर अनुज राजपूत के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर पंचकूला ले जाया जाएगा।
अंतिम संस्कार से पहले मिलिट्री अस्पताल में सुबह करीब दस बजे श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इसमें उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेट जनरल वाईके जोशी ने मेजर रोहित कुमार और मेजर अनुज राजपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर दोनों शहीदों के परिजन मौजूद थे। मेजर रोहित के माता-पिता, पत्नी शिखा जैन, बेटी और परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वाईके जोशी ने परिवार से मुलाकात की और कहा कि दुख की घड़ी में सेना हर दम साथ है। देश और सेना को रोहित की शहादत पर गर्व है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ शव को सेना के वाहन में देविका श्मशान घाट पर पहुंचाया गया। देविकानगरी के लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन अंतिम संस्कार होने का पता चला तो शहरवासी भी श्मशान घाट पर पहुंचने लगे। डीसी इंदु कंवल चिब सहित कई बड़े अधिकारी शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए मौके पर पहुंचे। दोपहर को करीब पौने 12 बजे पूरे सैन्य और राष्ट्रीय सम्मान के साथ शहीद को पिता कमल कुमार ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए सांबा से ज्यादा संख्या में लोग पहुंचे थे। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी शमिल थीं। इस मौके पर डीआईजी उधमपुर-रियासी रेंज मोहम्मद सुलेमान चौधरी, एएसपी अनवर-उल-हक व कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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चार साल की मासूम पहुंची थी टेडीबियर लेकर
देश की सेवा करते हुए शहीद हुए मेजर रोहित कुमार के अंतिम संस्कार की क्रिया में पत्नी के साथ चार साल की बेटी भी मौजूद रही। जहां हर आंख नम थी तो वहीं बेटी गुमसुम होकर सब कुछ देख रही थी। उसको देख कर साफ पता चल रहा था कि बेटी को अभी पिता के शहीद होने के बारे में कुछ खास पता नहीं है। वह पिता के संस्कार में टेडीबियर लेकर पहुंची थी। सबको रोते बिलखते देख यह मासूम गुमसुम रही।
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तिरंगा में हाथ में लेते ही बिलख पड़ी पत्नी शिखा जैन
सैन्य सम्मान के साथ किए गए अंतिम संस्कार के दौरान जब शव को श्मशान घाट में रखा गया और सेना ने जब तिरंगा पत्नी शिखा जैन के हाथों थमाया तो तब वह बिलखने लगी। परिवार के सदस्यों ने उसको संभाला और अपने साथ एक कोने में ले गए। इससे पहले जब मिलिट्री अस्पताल में श्रद्धांजलि समारोह में चुपचाप खड़ी रही शिखा शमशान घाट पहुंचते ही टूट गई। उसे परिजन मुश्किल से संभाल रहे थे।
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बाकी की रस्में पैतृक गांव में ही पूरी की जाएंगी
शहीद रोहित कुमार मूल रूप से सांबा जिले के घगवाल की टपयाल पंचायत के प्रदानी गांव के रहने वाले थे। वह कई साल से नोएडा (उत्तर प्रदेश) में रह रहे थे। उनके ज्यादातर रिश्तेदार सांबा में रहते हैं। बुधवार सुबह ही परिवार ने निर्णय लिया कि शव का अंतिम संस्कार उधमपुर में किया जाएगा। अब शेष रस्में पैतृक गांव में ही पूरी की जाएंगी।
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अंतिम संस्कार से पहले मिलिट्री अस्पताल में सुबह करीब दस बजे श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इसमें उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेट जनरल वाईके जोशी ने मेजर रोहित कुमार और मेजर अनुज राजपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर दोनों शहीदों के परिजन मौजूद थे। मेजर रोहित के माता-पिता, पत्नी शिखा जैन, बेटी और परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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वाईके जोशी ने परिवार से मुलाकात की और कहा कि दुख की घड़ी में सेना हर दम साथ है। देश और सेना को रोहित की शहादत पर गर्व है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ शव को सेना के वाहन में देविका श्मशान घाट पर पहुंचाया गया। देविकानगरी के लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन अंतिम संस्कार होने का पता चला तो शहरवासी भी श्मशान घाट पर पहुंचने लगे। डीसी इंदु कंवल चिब सहित कई बड़े अधिकारी शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए मौके पर पहुंचे। दोपहर को करीब पौने 12 बजे पूरे सैन्य और राष्ट्रीय सम्मान के साथ शहीद को पिता कमल कुमार ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए सांबा से ज्यादा संख्या में लोग पहुंचे थे। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी शमिल थीं। इस मौके पर डीआईजी उधमपुर-रियासी रेंज मोहम्मद सुलेमान चौधरी, एएसपी अनवर-उल-हक व कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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चार साल की मासूम पहुंची थी टेडीबियर लेकर
देश की सेवा करते हुए शहीद हुए मेजर रोहित कुमार के अंतिम संस्कार की क्रिया में पत्नी के साथ चार साल की बेटी भी मौजूद रही। जहां हर आंख नम थी तो वहीं बेटी गुमसुम होकर सब कुछ देख रही थी। उसको देख कर साफ पता चल रहा था कि बेटी को अभी पिता के शहीद होने के बारे में कुछ खास पता नहीं है। वह पिता के संस्कार में टेडीबियर लेकर पहुंची थी। सबको रोते बिलखते देख यह मासूम गुमसुम रही।
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तिरंगा में हाथ में लेते ही बिलख पड़ी पत्नी शिखा जैन
सैन्य सम्मान के साथ किए गए अंतिम संस्कार के दौरान जब शव को श्मशान घाट में रखा गया और सेना ने जब तिरंगा पत्नी शिखा जैन के हाथों थमाया तो तब वह बिलखने लगी। परिवार के सदस्यों ने उसको संभाला और अपने साथ एक कोने में ले गए। इससे पहले जब मिलिट्री अस्पताल में श्रद्धांजलि समारोह में चुपचाप खड़ी रही शिखा शमशान घाट पहुंचते ही टूट गई। उसे परिजन मुश्किल से संभाल रहे थे।
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बाकी की रस्में पैतृक गांव में ही पूरी की जाएंगी
शहीद रोहित कुमार मूल रूप से सांबा जिले के घगवाल की टपयाल पंचायत के प्रदानी गांव के रहने वाले थे। वह कई साल से नोएडा (उत्तर प्रदेश) में रह रहे थे। उनके ज्यादातर रिश्तेदार सांबा में रहते हैं। बुधवार सुबह ही परिवार ने निर्णय लिया कि शव का अंतिम संस्कार उधमपुर में किया जाएगा। अब शेष रस्में पैतृक गांव में ही पूरी की जाएंगी।