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सियाचिन ग्लेशियर को पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले दिव्यांगों का दल सम्मानित
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उधमपुर। दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र (सियाचिन ग्लेशियर) को सफलतापूर्वक पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले दिव्यांगों का दल मंगलवार को उत्तरी कमान मुख्यालय पहुंचा, जहां जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाईके जोशी ने सम्मानित किया।
सियाचिन ग्लेशियर को पार करने का अभियान सात से 18 सितंबर तक चला था। दल को 15 अगस्त को दिल्ली से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। अब 24-25 सितंबर को दिल्ली पहुंचने पर दल का स्वागत किया जाएगा। टीम का भारतीय सेना और विशेष रूप से मुख्यालय उत्तरी कमान, मुख्यालय 14 कार्प्स की तरफ से सहयोग किया गया।
उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाईके जोशी ने अभियान के दौरान दल की भावना और अडिग धैर्य की सराहना की। टीम के साथ वार्तालाप कर उनके अनुभव भी साझा किए। टीम का नेतृत्व विशेष बलों के दो पूर्व अधिकारियों ने किया था, जिसमें दो महिलाएं थीं, जोकि दृष्टिहीन थीं। इनके अलावा तीन दिव्यांग, तीन दृष्टिहीन, दो पूर्व-पैराशूट रेजिमेंट अधिकारी, स्पेशल फोर्सेज के चार पूर्व सैनिक, एक डॉक्टर सहित तीन नागरिक शामिल थे।
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सियाचिन ग्लेशियर को पार करने का अभियान सात से 18 सितंबर तक चला था। दल को 15 अगस्त को दिल्ली से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। अब 24-25 सितंबर को दिल्ली पहुंचने पर दल का स्वागत किया जाएगा। टीम का भारतीय सेना और विशेष रूप से मुख्यालय उत्तरी कमान, मुख्यालय 14 कार्प्स की तरफ से सहयोग किया गया।
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उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाईके जोशी ने अभियान के दौरान दल की भावना और अडिग धैर्य की सराहना की। टीम के साथ वार्तालाप कर उनके अनुभव भी साझा किए। टीम का नेतृत्व विशेष बलों के दो पूर्व अधिकारियों ने किया था, जिसमें दो महिलाएं थीं, जोकि दृष्टिहीन थीं। इनके अलावा तीन दिव्यांग, तीन दृष्टिहीन, दो पूर्व-पैराशूट रेजिमेंट अधिकारी, स्पेशल फोर्सेज के चार पूर्व सैनिक, एक डॉक्टर सहित तीन नागरिक शामिल थे।
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