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Udhampur News: किश्तवाड़ में गोवंश के अवैध परिवहन पर दो महीने की रोक
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किश्तवाड़। जिला मजिस्ट्रेट किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर जिले से बाहर गोवंश के परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। आदेश के अनुसार गाय, बैल, भैंस, बछड़े सहित अन्य गोवंशीय पशुओं को सक्षम प्राधिकारी की वैध पूर्व अनुमति के बिना किश्तवाड़ जिले से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले से गोवंश को गुप्त रूप से बाहरी जिलों में ले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आदेश में कहा गया है कि कुछ लोग कृषि कार्य के नाम पर गोवंश को अवैध रूप से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। ठाठरी-किश्तवाड़-छात्रू-सिंथन मार्ग को ऐसे मामलों के लिहाज से संवेदनशील मार्गों में शामिल किया गया है।
आदेश में प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां संबंधित कानूनों का उल्लंघन होने के साथ-साथ सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। इसे देखते हुए अवैध परिवहन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए यह निवारक कदम उठाया गया है।
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जिला मजिस्ट्रेट ने एसएसपी किश्तवाड़, सभी एसडीपीओ, थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी प्रभारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, आदेश में कुछ गतिविधियों को छूट दी गई है। सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए गोवंश के परिवहन, स्थानीय निवासियों द्वारा गांव अथवा स्थानीय क्षेत्र की सीमा में चराई, हल चलाने और अन्य कृषि कार्यों के लिए पशुओं को ले जाने तथा खानाबदोश समुदायों द्वारा मौसमी चराई के लिए पलायन को इस रोक से बाहर रखा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर दो माह तक प्रभावी रहेगा।
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जिला प्रशासन के अनुसार जिले से गोवंश को गुप्त रूप से बाहरी जिलों में ले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आदेश में कहा गया है कि कुछ लोग कृषि कार्य के नाम पर गोवंश को अवैध रूप से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। ठाठरी-किश्तवाड़-छात्रू-सिंथन मार्ग को ऐसे मामलों के लिहाज से संवेदनशील मार्गों में शामिल किया गया है।
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आदेश में प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां संबंधित कानूनों का उल्लंघन होने के साथ-साथ सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। इसे देखते हुए अवैध परिवहन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए यह निवारक कदम उठाया गया है।
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जिला मजिस्ट्रेट ने एसएसपी किश्तवाड़, सभी एसडीपीओ, थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी प्रभारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, आदेश में कुछ गतिविधियों को छूट दी गई है। सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए गोवंश के परिवहन, स्थानीय निवासियों द्वारा गांव अथवा स्थानीय क्षेत्र की सीमा में चराई, हल चलाने और अन्य कृषि कार्यों के लिए पशुओं को ले जाने तथा खानाबदोश समुदायों द्वारा मौसमी चराई के लिए पलायन को इस रोक से बाहर रखा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर दो माह तक प्रभावी रहेगा।