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Udhampur News: मचैल माता के दरबार में पहुंची पवित्र छड़ी, जयकारों से गूंजा वातावरण
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मचैल माता चंडी के दरबार में पहुंची पवित्र छड़ी।
- फोटो : kishatwar news
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किश्तवाड़। आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला जब पवित्र छड़ी शनिवार को मचैल माता के दरबार में पहुंची। छड़ी के मचैल गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र भजनों, कीर्तन और माता के जयकारों से गूंज उठा। गांववासियों ने ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच फूलों की वर्षा कर पवित्र छड़ी का स्वागत किया।
दर्शनी दरवाजे तक वाहन के माध्यम से पहुंची पवित्र छड़ी के बाद यात्रा ने पैदल रूप लिया। जैसे ही छड़ी मचैल गांव के पुल को पार कर आगे बढ़ी, स्थानीय लोगों ने धूप-दीप जलाकर, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ छड़ी का स्वागत किया। इसके बाद करीब डेढ़ किलोमीटर का पैदल सफर तय करते हुए पवित्र छड़ी मचैल माता के दरबार में पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इसे भवन के भीतर ले जाया गया।
पवित्र छड़ी के स्वागत के दौरान मचैल में मेले जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण के साक्षी बने। चारों ओर माता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई दे रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई थी।
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इस वर्ष पवित्र छड़ी ने जम्मू से अपनी यात्रा शुरू कर डोडा, किश्तवाड़, अठोली, गुलाबगढ़, मसू, कुंडेल और चिशोती होते हुए मचैल माता के दरबार तक का सफर पूरा किया। पिछले वर्ष चिशोती में हुई दर्दनाक घटना के बाद पवित्र छड़ी की यात्रा सीमित रही थी और श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी कम रही थी। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने एक बार फिर मचैल की धार्मिक यात्रा में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना दिया।
पवित्र छड़ी के दरबार में पहुंचने के बाद कल धार्मिक कार्यक्रमों के तहत हवन-यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 24 अगस्त को पवित्र छड़ी वापस लौटने के लिए रवाना होगी।इस बार अब तक करीब एक लाख 35 हजार श्रद्धालु मचैल माता के दरबार में दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मचैल में लगातार जागरण और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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दर्शनी दरवाजे तक वाहन के माध्यम से पहुंची पवित्र छड़ी के बाद यात्रा ने पैदल रूप लिया। जैसे ही छड़ी मचैल गांव के पुल को पार कर आगे बढ़ी, स्थानीय लोगों ने धूप-दीप जलाकर, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ छड़ी का स्वागत किया। इसके बाद करीब डेढ़ किलोमीटर का पैदल सफर तय करते हुए पवित्र छड़ी मचैल माता के दरबार में पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इसे भवन के भीतर ले जाया गया।
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पवित्र छड़ी के स्वागत के दौरान मचैल में मेले जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण के साक्षी बने। चारों ओर माता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई दे रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई थी।
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इस वर्ष पवित्र छड़ी ने जम्मू से अपनी यात्रा शुरू कर डोडा, किश्तवाड़, अठोली, गुलाबगढ़, मसू, कुंडेल और चिशोती होते हुए मचैल माता के दरबार तक का सफर पूरा किया। पिछले वर्ष चिशोती में हुई दर्दनाक घटना के बाद पवित्र छड़ी की यात्रा सीमित रही थी और श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी कम रही थी। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने एक बार फिर मचैल की धार्मिक यात्रा में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना दिया।
पवित्र छड़ी के दरबार में पहुंचने के बाद कल धार्मिक कार्यक्रमों के तहत हवन-यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 24 अगस्त को पवित्र छड़ी वापस लौटने के लिए रवाना होगी।इस बार अब तक करीब एक लाख 35 हजार श्रद्धालु मचैल माता के दरबार में दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मचैल में लगातार जागरण और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।