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Udhampur News: मूवमेंट कल्कि ने श्राइन बोर्ड कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में हुई एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया को लेकर शनिवार को मूवमेंट कल्कि संगठन ने श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल कॉलेज में हुई चयन प्रक्रिया को “धार्मिक असंतुलन” करार देते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व मूवमेंट काल्कि के सह-संस्थापक ठाकुर अर्जुन सिंह ने किया, जबकि संगठन के वरिष्ठ सदस्य संजय शर्मा ने श्राइन बोर्ड से कटड़ा में लंगर सेवा शुरू करने की मांग उठाई। इस दौरान कटड़ा के सनातन समाज से जुड़े अन्य लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि श्राइन बोर्ड ने एक सप्ताह में कोई ठोस जवाब नहीं दिया तो कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। वहीं प्रदर्शन के साथ ही सदस्यों ने श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य के साथ मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा |
एडमिशन प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जेके-बीओपीईई द्वारा जारी एमबीबीएस एडमिशन सूची में कुल 50 सीटे रखी गई हैं। इसमें 42 मुस्लिम छात्रों और केवल 8 हिंदू छात्रों के लिए रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान पूरी तरह से हिंदू श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान से निर्मित है, जिससे सनातन समाज में गहरा रोष फैल गया है। श्राइन बोर्ड सूत्रों के अनुसार, यह एडमिशन प्रक्रिया जेके-बीओपीईई द्वारा मेरिट के आधार पर की गई थी, परंतु इस तरह का धार्मिक असंतुलन “अनपेक्षित” रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बोर्ड को इस पर संज्ञान लेकर संतुलित नीति बनानी चाहिए।
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मूवमेंट कल्कि की मुख्य मांगें
श्राइन बोर्ड सनातन धर्म के धन का उपयोग केवल धार्मिक एवं सनातनी उद्देश्यों के लिए करे।
मेडिकल कॉलेज में धार्मिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एडमिशन नीति की समीक्षा की जाए।
दरबार में गोमाता सेवा के लिए अलग दान पात्र स्थापित किया जाए।
गोसेवा और लंगर संचालन के लिए अलग समिति गठित की जाए।
श्राइन बोर्ड में गैर-हिंदू व्यक्तियों की नियुक्तियां तत्काल निरस्त की जाएं।
श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त लंगर सेवा शीघ्र प्रारंभ की जाए।
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प्रदर्शन का नेतृत्व मूवमेंट काल्कि के सह-संस्थापक ठाकुर अर्जुन सिंह ने किया, जबकि संगठन के वरिष्ठ सदस्य संजय शर्मा ने श्राइन बोर्ड से कटड़ा में लंगर सेवा शुरू करने की मांग उठाई। इस दौरान कटड़ा के सनातन समाज से जुड़े अन्य लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि श्राइन बोर्ड ने एक सप्ताह में कोई ठोस जवाब नहीं दिया तो कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। वहीं प्रदर्शन के साथ ही सदस्यों ने श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य के साथ मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा |
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एडमिशन प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जेके-बीओपीईई द्वारा जारी एमबीबीएस एडमिशन सूची में कुल 50 सीटे रखी गई हैं। इसमें 42 मुस्लिम छात्रों और केवल 8 हिंदू छात्रों के लिए रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान पूरी तरह से हिंदू श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान से निर्मित है, जिससे सनातन समाज में गहरा रोष फैल गया है। श्राइन बोर्ड सूत्रों के अनुसार, यह एडमिशन प्रक्रिया जेके-बीओपीईई द्वारा मेरिट के आधार पर की गई थी, परंतु इस तरह का धार्मिक असंतुलन “अनपेक्षित” रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बोर्ड को इस पर संज्ञान लेकर संतुलित नीति बनानी चाहिए।
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मूवमेंट कल्कि की मुख्य मांगें
श्राइन बोर्ड सनातन धर्म के धन का उपयोग केवल धार्मिक एवं सनातनी उद्देश्यों के लिए करे।
मेडिकल कॉलेज में धार्मिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एडमिशन नीति की समीक्षा की जाए।
दरबार में गोमाता सेवा के लिए अलग दान पात्र स्थापित किया जाए।
गोसेवा और लंगर संचालन के लिए अलग समिति गठित की जाए।
श्राइन बोर्ड में गैर-हिंदू व्यक्तियों की नियुक्तियां तत्काल निरस्त की जाएं।
श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त लंगर सेवा शीघ्र प्रारंभ की जाए।