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Udhampur News: शहर में लावारिस घोड़ों से सड़कों पर जाम, हर मोड़ पर हादसे का डर
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धार रोड पर खड़े लावारिस घोड़ों के झुंड से सड़कों पर लगा जाम
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। शहर की प्रमुख सड़कों पर घूम रहे लावारिस घोड़ों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। मुख्य बाजार से लेकर धार रोड, सलाथिया चौक, वीनस चौक, गोल मार्केट और बस स्टैंड तक कई जगह घोड़े सड़क के बीच खड़े दिखाई देते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा भी बना रहता है।
सुबह से शाम तक व्यस्त इलाकों में घोड़ों के सड़क पर खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है। पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी इनके बीच से रास्ता बनाकर गुजरना पड़ता है। मुख्य बाजार की सड़क पहले ही संकरी है और दोनों ओर दुकानों के बाहर सामान व वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में घोड़ों का झुंड बीच सड़क पर आ जाने से यातायात की रफ्तार थम जाती है। कई बार घोड़े अचानक बिदक कर दौड़ पड़ते हैं या दिशा बदल लेते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। व्यस्त समय में एक वाहन के रुकते ही पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
इसके अलावा धार रोड पर भी तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक घोड़ा सामने आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सलाथिया चौक और वीनस चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर भी घोड़ों के सड़क पर घूमने से यातायात प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इनके बीच से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
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दुकानदार भी परेशान, कारोबार पर असर
घोड़ों के दुकानों के बाहर खड़े रहने से दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है। सड़क पर घोड़ों के जमावड़े के कारण कई ग्राहक दुकान तक पहुंचने के बजाय आगे निकल जाते हैं, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि घोड़ों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। घोड़ों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करने के साथ खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
कोट
सड़क के बीच घोड़े खड़े रहते हैं, गाड़ी निकालने की जगह नहीं मिलती। मिनटों में लंबा जाम लग जाता है।
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राजेंद्र कुमार, दुकानदार
दुकान के बाहर घोड़ों के खड़े रहने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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ओम प्रकाश, स्थानीय निवासी
धार रोड पर अचानक घोड़ा सामने आ जाता है तो ब्रेक लगानी पड़ती है। इससे जाम के साथ हादसे का खतरा बना रहता है।
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पवन कुमार, दुकानदार
धार रोड, मुख्य बाजार और चौक-चौराहों पर इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
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दीपू, स्थानीय दुकानदार
शहर में घूमने वाले घोड़े पशुपालन विभाग के दायरे में आते हैं। नगर परिषद के पास इन्हें पकड़ने और रखने के लिए फिलहाल शेड व अलग से कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए पूरी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिसमें समय लगेगा।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद
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सुबह से शाम तक व्यस्त इलाकों में घोड़ों के सड़क पर खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है। पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी इनके बीच से रास्ता बनाकर गुजरना पड़ता है। मुख्य बाजार की सड़क पहले ही संकरी है और दोनों ओर दुकानों के बाहर सामान व वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में घोड़ों का झुंड बीच सड़क पर आ जाने से यातायात की रफ्तार थम जाती है। कई बार घोड़े अचानक बिदक कर दौड़ पड़ते हैं या दिशा बदल लेते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। व्यस्त समय में एक वाहन के रुकते ही पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
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इसके अलावा धार रोड पर भी तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक घोड़ा सामने आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सलाथिया चौक और वीनस चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर भी घोड़ों के सड़क पर घूमने से यातायात प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इनके बीच से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
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दुकानदार भी परेशान, कारोबार पर असर
घोड़ों के दुकानों के बाहर खड़े रहने से दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है। सड़क पर घोड़ों के जमावड़े के कारण कई ग्राहक दुकान तक पहुंचने के बजाय आगे निकल जाते हैं, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि घोड़ों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। घोड़ों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करने के साथ खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
कोट
सड़क के बीच घोड़े खड़े रहते हैं, गाड़ी निकालने की जगह नहीं मिलती। मिनटों में लंबा जाम लग जाता है।
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राजेंद्र कुमार, दुकानदार
दुकान के बाहर घोड़ों के खड़े रहने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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ओम प्रकाश, स्थानीय निवासी
धार रोड पर अचानक घोड़ा सामने आ जाता है तो ब्रेक लगानी पड़ती है। इससे जाम के साथ हादसे का खतरा बना रहता है।
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पवन कुमार, दुकानदार
धार रोड, मुख्य बाजार और चौक-चौराहों पर इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
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दीपू, स्थानीय दुकानदार
शहर में घूमने वाले घोड़े पशुपालन विभाग के दायरे में आते हैं। नगर परिषद के पास इन्हें पकड़ने और रखने के लिए फिलहाल शेड व अलग से कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए पूरी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिसमें समय लगेगा।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद