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Udhampur News: चार पीएचसी सेंटर में एक भी एमबीबीएस डाॅक्टर नहीं, मरीज हो रहे परेशान
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उधमपुर। ब्लॉक रामनगर में चार पीएचसी सेंटर बनाए गए हैं लेकिन हैरानी की बात यह है कि मौजूदा समय में इन चारों पीएचसी सेंटरों में एमबीबीएस डाॅक्टर नहीं है। आयुर्वेद्धिक डाॅक्टर से काम चलाया जा रहा है।
इससे इन चारों क्षेत्रों में रांग, चनुनंता, पुख्तरियान और काल्डी की करीब 15 हजार आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए रामनगर या फिर जीएमसी उधमपुर आना पड़ रहा है। हालांकि इन क्षेत्रों में होने वाली कई प्रशासनिक बैठकों में लोग इन सेंटरों में डाॅक्टर की कमी को पूरा करने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। इस संदर्भ में स्थानीय निवासी रमेश कुमार, राधे कृष्ण, गौरी लाल, शंभूनाथ, सरिता देवी और रानी देवी सहित अन्य का कहना था कि पीएचसी सेंटरों में डाॅक्टर न होने से उन्हें मजबूरन अपने मरीज को लेकर उधमपुर जाना पड़ रहा है। इसमें उनको अधिक पैसे खर्च करने के साथ ही परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए थायराइड टेस्ट की सुविधा भी इन सेंटरों में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते वे लोग प्राइवेट क्लीनिकों में टेस्ट कराने के साथ ही जीएमसी उधमपुर जाकर इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द इन चारों सेंटरों में एमबीबीएस डाॅक्टर लगाने की मांग की है ताकि लोगों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके।
इस संदर्भ में बीएमओ रामनगर डॉ. हरवींद्र सिंह का कहना था कि ब्लॉक की कई पीएचसी में एमबीबीएस डाॅक्टर न होने को लेकर उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन सेंटरों में डाॅक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी ताकि लोगों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
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इससे इन चारों क्षेत्रों में रांग, चनुनंता, पुख्तरियान और काल्डी की करीब 15 हजार आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए रामनगर या फिर जीएमसी उधमपुर आना पड़ रहा है। हालांकि इन क्षेत्रों में होने वाली कई प्रशासनिक बैठकों में लोग इन सेंटरों में डाॅक्टर की कमी को पूरा करने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। इस संदर्भ में स्थानीय निवासी रमेश कुमार, राधे कृष्ण, गौरी लाल, शंभूनाथ, सरिता देवी और रानी देवी सहित अन्य का कहना था कि पीएचसी सेंटरों में डाॅक्टर न होने से उन्हें मजबूरन अपने मरीज को लेकर उधमपुर जाना पड़ रहा है। इसमें उनको अधिक पैसे खर्च करने के साथ ही परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए थायराइड टेस्ट की सुविधा भी इन सेंटरों में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते वे लोग प्राइवेट क्लीनिकों में टेस्ट कराने के साथ ही जीएमसी उधमपुर जाकर इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द इन चारों सेंटरों में एमबीबीएस डाॅक्टर लगाने की मांग की है ताकि लोगों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके।
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इस संदर्भ में बीएमओ रामनगर डॉ. हरवींद्र सिंह का कहना था कि ब्लॉक की कई पीएचसी में एमबीबीएस डाॅक्टर न होने को लेकर उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही इन सेंटरों में डाॅक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी ताकि लोगों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
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