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Udhampur News: डीसी ने गांव कुलथी चक्का कुंडी का दौरा, भू-धंसाव की स्थिति का जायजा लिया
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रामबन। उपायुक्त मोहम्मद इलियास खान ने रविवार को तहसील राजगढ़ के गांव कुलथी चक्का कुंडी का दौरा कर बगलीहार बांध के जलाशय क्षेत्र में हाल ही में हुए भू-धंसाव और जमीन धंसने की स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जलाशय के किनारे भू-धंसाव और पानी के बहाव से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। बताया गया कि एक मकान जलमग्न हो गया है जबकि आसपास के अन्य मकानों में भी दरारें पड़ गई हैं, जिससे प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उपायुक्त के साथ सहायक आयुक्त राजस्व (एसीआर) रामबन शोकत हयात मट्टू, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता रंजीत सिंह, तहसीलदार राजगढ़ मेजर सिंह, जेकेपीडीसी के कार्यकारी अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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उपायुक्त ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत, बचाव, निकासी और क्षति आकलन कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि असुरक्षित एवं उच्च जोखिम वाले मकानों में रह रहे परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
खान ने जेकेपीडीसी के कार्यकारी अभियंता और संबंधित तकनीकी टीमों को प्रभावित क्षेत्र तथा संपत्तियों को हुए नुकसान का व्यापक संरचनात्मक एवं क्षति आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आकलन कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने जलाशय के किनारे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित मकानों और अन्य संरचनाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-धंसाव के नए संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाए जाएं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों, सड़क संपर्क तथा आवश्यक सेवाओं और आपूर्ति से संबंधित मुद्दे उनके समक्ष रखे। उपायुक्त ने उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय लोगों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित कार्यकारी अभियंता को सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, सड़क की स्थिति में सुधार करने तथा कुलथी आयरन ब्रिज को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मृदा संरक्षण विभाग को कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट कार्यक्रम के तहत आवश्यक मृदा संरक्षण उपाय करने के भी निर्देश दिए ताकि मिट्टी के कटाव को रोका जा सके और प्रभावित क्षेत्रों को मजबूत किया जा सके।
उपायुक्त ने जेकेपीडीसी अधिकारियों को चल रहे रखरखाव कार्यों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए प्रभावित लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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मौके पर निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जलाशय के किनारे भू-धंसाव और पानी के बहाव से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। बताया गया कि एक मकान जलमग्न हो गया है जबकि आसपास के अन्य मकानों में भी दरारें पड़ गई हैं, जिससे प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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उपायुक्त के साथ सहायक आयुक्त राजस्व (एसीआर) रामबन शोकत हयात मट्टू, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता रंजीत सिंह, तहसीलदार राजगढ़ मेजर सिंह, जेकेपीडीसी के कार्यकारी अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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उपायुक्त ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत, बचाव, निकासी और क्षति आकलन कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि असुरक्षित एवं उच्च जोखिम वाले मकानों में रह रहे परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
खान ने जेकेपीडीसी के कार्यकारी अभियंता और संबंधित तकनीकी टीमों को प्रभावित क्षेत्र तथा संपत्तियों को हुए नुकसान का व्यापक संरचनात्मक एवं क्षति आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आकलन कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने जलाशय के किनारे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित मकानों और अन्य संरचनाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-धंसाव के नए संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाए जाएं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों, सड़क संपर्क तथा आवश्यक सेवाओं और आपूर्ति से संबंधित मुद्दे उनके समक्ष रखे। उपायुक्त ने उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय लोगों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित कार्यकारी अभियंता को सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, सड़क की स्थिति में सुधार करने तथा कुलथी आयरन ब्रिज को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मृदा संरक्षण विभाग को कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट कार्यक्रम के तहत आवश्यक मृदा संरक्षण उपाय करने के भी निर्देश दिए ताकि मिट्टी के कटाव को रोका जा सके और प्रभावित क्षेत्रों को मजबूत किया जा सके।
उपायुक्त ने जेकेपीडीसी अधिकारियों को चल रहे रखरखाव कार्यों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए प्रभावित लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।