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Udhampur News: शिक्षकों की कमी से तीन स्कूल बंद, अब हाई स्कूल सुनेत्र की बारी
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रामनगर। सुनेत्र गांव के हाई स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने को मजबूर हो रहे हैं। इससे पहले भी पंचायत में शिक्षकों की कमी के कारण तीन स्कूल बंद हो चुके हैं। लोगों ने कहा, यही हाल रहा तो अब हाई स्कूल सुनेत्र को भी बंद होने से नहीं रोक पाएंगे।
रामनगर की पंचायत सुनेत्र ए में सरकारी हाई स्कूल में एक वर्ष से अध्यापकों की भारी किल्लत से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अभिभावक तथा ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जल्द अध्यापकों की कमी को दूर करने की मांग उठाई है। कमी दूर न किए जाने पर बच्चों को स्कूल से हटाकर दूसरे स्कूलों में दाखिला कराने की चेतावनी भी दी।
स्थानीय ग्रामीण पूर्व नायब सरपंच काकू राम, पूर्व पंच ललिता देवी, पूर्व सरपंच ममता देवी, लंबरदार मोहनलाल, पूर्व पंच श्यामलाल, पूर्व पंच काकाराम, पूर्व पंच मुल्ख राज, पूर्व सरपंच किशोरी लाल, पूर्व पंच संजय कुमार ने बताया कि हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन स्कूल में अध्यापकों की कमी पूरी नहीं हुई। पिछले एक वर्षों से कई अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
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दो को बीएलओ का कार्यभार सौंपा
स्कूल में 17 पद हैं। पिछले एक वर्ष से अध्यापकों के 9 पद खाली पड़े हुए हैं। 250 विद्यार्थियों को आठ अध्यापक शिक्षा दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन आठ अध्यापकों में से दो अध्यापकों को रामनगर प्रशासन की ओर से बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई है।
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तीन स्कूल पहले ही करने पड़े बंद
ग्रामीणों ने कहा कि इसी पंचायत में कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी होने पर पिछले चार वर्षों से तीन स्कूल बंद हो चुके हैं। इनमें मिडिल स्कूल गुड्डाल, प्राइमरी स्कूल चमानू, प्राइमरी स्कूल बगाल में अध्यापकों की कमी होने पर अभिभावक अपने बच्चों को हटाकर दूसरे स्कूलों में पढ़ाने पर मजबूर हो गए थे। यह तीनों सरकारी स्कूल विद्यार्थी न होने पर बंद हो गए थे।
ग्रामीणों ने कहा कि हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी जल्द पूरी नहीं हुई तो वे दूसरे स्कूलों की तरफ रुख करने पर मजबूर हो जाएंगे। यह स्कूल भी बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से अध्यापकों की कमी को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है ।
कोट हाई स्कूल सुनेत्र में एक वर्ष से अध्यापकों की कमी होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक अपने बच्चों को हटाकर दूसरे स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए सोच रहे हैं। शिक्षा विभाग स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा करे।
-ललिता देवी, पूर्व पंच
- सुनेत्र पंचायत में कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी होने पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूलों को छोड़ दिया है। इस कारण पिछले चार वर्ष में तीन सरकारी स्कूल पहले से ही बंद पड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग संज्ञान लेकर इस हाई स्कूल में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को जल्द भरने की कोशिश करे।
-काकू राम, पूर्व नायब सरपंच
- सुनेत्र हाई स्कूल में 17 पदों में से आठ पदों पर शिक्षक 250 विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। इन आठ अध्यापकों में से दो को बीएलओ का पद दिया गया है। छह अध्यापक विद्यार्थियों को किस प्रकार शिक्षा दे पाएंगे। शिक्षा विभाग कुंभकरण की नींद से जागकर अध्यापकों की कमी को पूरा करे।
-किशोरी लाल, पूर्व सरपंच
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हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी के बारे में किसी ने अवगत नहीं करवाया है। अब हमारे संज्ञान में समस्या आ गई है। जल्द ही अध्यापकों की कमी को पूरा किया जाएगा।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, शिक्षा विभाग
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रामनगर की पंचायत सुनेत्र ए में सरकारी हाई स्कूल में एक वर्ष से अध्यापकों की भारी किल्लत से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अभिभावक तथा ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जल्द अध्यापकों की कमी को दूर करने की मांग उठाई है। कमी दूर न किए जाने पर बच्चों को स्कूल से हटाकर दूसरे स्कूलों में दाखिला कराने की चेतावनी भी दी।
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स्थानीय ग्रामीण पूर्व नायब सरपंच काकू राम, पूर्व पंच ललिता देवी, पूर्व सरपंच ममता देवी, लंबरदार मोहनलाल, पूर्व पंच श्यामलाल, पूर्व पंच काकाराम, पूर्व पंच मुल्ख राज, पूर्व सरपंच किशोरी लाल, पूर्व पंच संजय कुमार ने बताया कि हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन स्कूल में अध्यापकों की कमी पूरी नहीं हुई। पिछले एक वर्षों से कई अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
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दो को बीएलओ का कार्यभार सौंपा
स्कूल में 17 पद हैं। पिछले एक वर्ष से अध्यापकों के 9 पद खाली पड़े हुए हैं। 250 विद्यार्थियों को आठ अध्यापक शिक्षा दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन आठ अध्यापकों में से दो अध्यापकों को रामनगर प्रशासन की ओर से बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई है।
तीन स्कूल पहले ही करने पड़े बंद
ग्रामीणों ने कहा कि इसी पंचायत में कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी होने पर पिछले चार वर्षों से तीन स्कूल बंद हो चुके हैं। इनमें मिडिल स्कूल गुड्डाल, प्राइमरी स्कूल चमानू, प्राइमरी स्कूल बगाल में अध्यापकों की कमी होने पर अभिभावक अपने बच्चों को हटाकर दूसरे स्कूलों में पढ़ाने पर मजबूर हो गए थे। यह तीनों सरकारी स्कूल विद्यार्थी न होने पर बंद हो गए थे।
ग्रामीणों ने कहा कि हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी जल्द पूरी नहीं हुई तो वे दूसरे स्कूलों की तरफ रुख करने पर मजबूर हो जाएंगे। यह स्कूल भी बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से अध्यापकों की कमी को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है ।
कोट हाई स्कूल सुनेत्र में एक वर्ष से अध्यापकों की कमी होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक अपने बच्चों को हटाकर दूसरे स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए सोच रहे हैं। शिक्षा विभाग स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा करे।
-ललिता देवी, पूर्व पंच
- सुनेत्र पंचायत में कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी होने पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूलों को छोड़ दिया है। इस कारण पिछले चार वर्ष में तीन सरकारी स्कूल पहले से ही बंद पड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग संज्ञान लेकर इस हाई स्कूल में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को जल्द भरने की कोशिश करे।
-काकू राम, पूर्व नायब सरपंच
- सुनेत्र हाई स्कूल में 17 पदों में से आठ पदों पर शिक्षक 250 विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। इन आठ अध्यापकों में से दो को बीएलओ का पद दिया गया है। छह अध्यापक विद्यार्थियों को किस प्रकार शिक्षा दे पाएंगे। शिक्षा विभाग कुंभकरण की नींद से जागकर अध्यापकों की कमी को पूरा करे।
-किशोरी लाल, पूर्व सरपंच
हाई स्कूल सुनेत्र में अध्यापकों की कमी के बारे में किसी ने अवगत नहीं करवाया है। अब हमारे संज्ञान में समस्या आ गई है। जल्द ही अध्यापकों की कमी को पूरा किया जाएगा।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, शिक्षा विभाग