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Udhampur News: भद्रवाह से मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुई पवित्र छड़ी
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भद्रवाह। वार्षिक मणिमहेश यात्रा के तहत धार्मिक हर्षोल्लास के साथ शनिवार दोपहर भद्रवाह से पवित्र छड़ी का पहला जत्था हिमाचल प्रदेश के भरमौर स्थित पवित्र मणिमहेश धाम के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में करीब 200 श्रद्धालु शामिल हैं।
यात्रा का शुभारंभ भद्रवाह के मंदिर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से हुआ। सुबह से ही चिनाब घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गए थे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में नाश्ते और दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई, जिसके उपरांत जत्था मणिमहेश धाम के लिए रवाना हुआ।
आयोजकों ने बताया कि पहले दिन श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए भद्रवाह-पद्दरी-चंबा मार्ग से होते हुए भेजा गांव पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद यात्रा पद्दरी के खूबसूरत चारागाहों से होते हुए हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी और आगे चंबा, भरमौर तथा हड़सर के रास्ते मणिमहेश की ओर बढ़ेगी। हड़सर तक मोटर योग्य सड़क है, जबकि इसके बाद श्रद्धालुओं को करीब 13 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग तय करना पड़ता है।
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यात्रा के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को विदाई दी तथा उनकी सुखद एवं सफल तीर्थयात्रा के लिए प्रार्थना की। प्रशासन की ओर से यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भक्तों द्वारा निशुल्क लंगर भी लगाए गए हैं।
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यात्रा का शुभारंभ भद्रवाह के मंदिर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से हुआ। सुबह से ही चिनाब घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गए थे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में नाश्ते और दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई, जिसके उपरांत जत्था मणिमहेश धाम के लिए रवाना हुआ।
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आयोजकों ने बताया कि पहले दिन श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए भद्रवाह-पद्दरी-चंबा मार्ग से होते हुए भेजा गांव पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद यात्रा पद्दरी के खूबसूरत चारागाहों से होते हुए हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी और आगे चंबा, भरमौर तथा हड़सर के रास्ते मणिमहेश की ओर बढ़ेगी। हड़सर तक मोटर योग्य सड़क है, जबकि इसके बाद श्रद्धालुओं को करीब 13 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग तय करना पड़ता है।
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यात्रा के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को विदाई दी तथा उनकी सुखद एवं सफल तीर्थयात्रा के लिए प्रार्थना की। प्रशासन की ओर से यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भक्तों द्वारा निशुल्क लंगर भी लगाए गए हैं।