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Udhampur News: कुलासर, सेर मंजला और मादा अपर ए में जल्द बनेंगे पंचायत घर
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उधमपुर। जिले में पंचायत घरों की इमारत से महरूम पंचायतों में अपने पंचायत घर बनाने को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब 3 और पंचायतों को अपने खुद के पंचायत घर मिलने जा रहें हैं, इनमें ब्लॉक चिनैनी की पंचायत कुलासर, पंचायत मादा अपर ए और ब्लाक चनुनता की पंचायत सेर मंजला शामिल है। इसके तहत ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग की तरफ से पंचायत कुलासर में पंचायत घर के लिए 34.51 लाख, पंचायत सेर मंजला के लिए 29.67 लाख और पंचायत मादा अपर ए के लिए 34.51 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया।
पंचायत घर बनने से ग्रामीणों को पंचायत के विकास कार्याें व अन्य बैठकों को लेकर पेश आने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। पंचायत प्रतिनिधियों को अलग-अलग ढूंढने की समस्या खत्म होगी और ग्रामीण बिना किसी परेशानी के पंचायत घर में पहुंच कर जन प्रतिनिधियों के पास अपनी समस्याएं व मांगों को लेकर पहुंच पाएंगे।
वहीं इसको लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत घर बनने के बाद ग्रामीण बिना किसी परेशानी के पंचायत घर में बैठक कर सकेंगे। इसमें क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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नीरज ठाकुर, नरेश पाल, विश्वजीत सिंह, सुनील कुमार, बोध राज व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत घर की इमारत नहीं होने से उन्हें काफी ज्यादा परेशानी पेश आती है। किराए की इमारत अथवा सरकारी विभागों के कार्यालय में पंचायत घर चलाए जा रहे हैं। इससे कई बार ग्राम सभा करने में अन्य आयोजनों के चलते बाधा पेश आती थी। पंचायत घर नहीं होने से जन-प्रतिनिधि भी आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं। अपने पंचायत घर बनने से समस्याओं से राहत मिलेगी। यह मांग काफी समय से की जा रही थी, अब काफी राहत मिली है।
वहीं इस संदर्भ में ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग के एक्सईएन मो. अनवर का कहना है कि पंचायतों घरों के निर्माण को लेकर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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पंचायत घर बनने से ग्रामीणों को पंचायत के विकास कार्याें व अन्य बैठकों को लेकर पेश आने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। पंचायत प्रतिनिधियों को अलग-अलग ढूंढने की समस्या खत्म होगी और ग्रामीण बिना किसी परेशानी के पंचायत घर में पहुंच कर जन प्रतिनिधियों के पास अपनी समस्याएं व मांगों को लेकर पहुंच पाएंगे।
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वहीं इसको लेकर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत घर बनने के बाद ग्रामीण बिना किसी परेशानी के पंचायत घर में बैठक कर सकेंगे। इसमें क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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नीरज ठाकुर, नरेश पाल, विश्वजीत सिंह, सुनील कुमार, बोध राज व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत घर की इमारत नहीं होने से उन्हें काफी ज्यादा परेशानी पेश आती है। किराए की इमारत अथवा सरकारी विभागों के कार्यालय में पंचायत घर चलाए जा रहे हैं। इससे कई बार ग्राम सभा करने में अन्य आयोजनों के चलते बाधा पेश आती थी। पंचायत घर नहीं होने से जन-प्रतिनिधि भी आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं। अपने पंचायत घर बनने से समस्याओं से राहत मिलेगी। यह मांग काफी समय से की जा रही थी, अब काफी राहत मिली है।
वहीं इस संदर्भ में ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग के एक्सईएन मो. अनवर का कहना है कि पंचायतों घरों के निर्माण को लेकर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।