{"_id":"67e43fc3176b2b1bcc0c6de1","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-121728-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: भगवान को पहचानने के लिए दिव्य दृष्टि की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: भगवान को पहचानने के लिए दिव्य दृष्टि की जरूरत
विज्ञापन
उधमपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सभा में गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी भाग्यश्री भारती ने कथा के माध्यम से संगत का मार्ग दर्शन किया। उन्होंने कहा कि भगवान को पहचानने के लिए आवश्यकता है उस दिव्य दृष्टि की जो दिव्य दृष्टि भगवान श्रीकृष्ण ने युद्ध के मैदान में अर्जुन को प्रदान की थी।
भक्त प्रह्लाद प्रसंग सुनाते हुए साध्वी ने बताया कि भक्त प्रह्लाद के जीवन में अनेकों ही संकट आए लेकिन वह अपने भक्ति पथ से विचलित नहीं हुए, क्योंकि उनका अपने श्री हरि, अपने नारायण पर पूर्ण विश्वास था। यदि हम भी चाहते हैं कि हमारा भी विश्वास भक्त प्रह्लाद की भांति हो तो हमें भी आवश्यकता है उस ईश्वर को जानने की। कथा कार्यक्रम को विराम देने के पश्चात सभी संगत ने भंडारा ग्रहण किया।
कार्यक्रम में व्यापार मंडल के प्रधान जतिंद्र वरमानी, थाना प्रभारी रघुवीर सिंह, एएसआई साहिल चिब, संजय भूषण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
भक्त प्रह्लाद प्रसंग सुनाते हुए साध्वी ने बताया कि भक्त प्रह्लाद के जीवन में अनेकों ही संकट आए लेकिन वह अपने भक्ति पथ से विचलित नहीं हुए, क्योंकि उनका अपने श्री हरि, अपने नारायण पर पूर्ण विश्वास था। यदि हम भी चाहते हैं कि हमारा भी विश्वास भक्त प्रह्लाद की भांति हो तो हमें भी आवश्यकता है उस ईश्वर को जानने की। कथा कार्यक्रम को विराम देने के पश्चात सभी संगत ने भंडारा ग्रहण किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में व्यापार मंडल के प्रधान जतिंद्र वरमानी, थाना प्रभारी रघुवीर सिंह, एएसआई साहिल चिब, संजय भूषण आदि मौजूद रहे।