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राहत सामग्री के मुद्दे पर छेड़ा जेल भरो आंदोलन

Thu, 09 Oct 2014 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,उध्ामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,उध्ामपुर Updated Thu, 09 Oct 2014 01:21 AM IST
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Jail Bharo agitation on the issue of flood victim relief material

राहत सामग्री वितरित करने में विफल रहने पर प्रशासन के

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खिलाफ पैंथर्स ने जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया।

बारिश प्रभावित लोगों में राहत सामग्री वितरित करने में विफल प्रशासन के खिलाफ पैंथर्स पार्टी के विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने बुधवार को अनशन को जारी रखते हुए अपने कार्यकर्ताओं के साथ जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।

गिरफ्तार होने के बाद जिला पुलिस लाइन में अचानक विधायक की हालत बिगड़ गई और गंभीर हालत में विधायक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

अनशन वाले स्थल से विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में सुबह करीब 11 बजे कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन की शुरूआत की। इसके बाद सभी जिला प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी देने के लिए निकल पड़े।
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कोर्ट रोड, रामनगर चौक, मुखर्जी बाजार, गोल मार्केट, इंदिरा चौक व शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर सभी नारेबाजी करते हुए टाउन हाल चौक पर पहुंचे, जहां पहले से ही पुलिस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी करके बैठी थी।
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एएसपी खलील पोसवाल के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने विधायक सहित सभी कार्यकर्ताओं हिरासत में लेकर वाहनों में भरकर जिला पुलिस लाइन में पहुंचाया। जहां अचानक विधायक की हालत खराब हो गई।

बेहोश होने पर पुलिस ने फौरन विधायक को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्रदर्शन के दौरान विधायक सहित कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण ही उनको अनशन व जेल भरो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा है।

प्रशासन की लापरवाही के कारण आज भी सैकड़ों पीड़ित राहत को तरस रहे हैं। डीसी की तरफ से पीड़ितों की सहायता के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण रेलवे स्टेशन पर हजारों क्विंटल चावल सड़ गया, लेकिन प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।


राज्य सरकार की तरफ से भी ज्यादा राहत कश्मीर में ही भेजी जा रही है, जबकि उधमपुर में सिर्फ औपचारिकता का ही काम किया जा रहा है।

सद्दल में अभी तक 20 के करीब शव मलबे में दबे हुए हैं और प्रशासन इनको बाहर निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। समाचार लिखे जाने तक विधायक अस्पताल में भर्ती थे और उन्होंने अपना अनशन नहीं तोड़ा है।

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