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Udhampur News: अपनों ने छोड़ा, एनआरआई ने अपनाया, बच्ची को मिला अमेरिका में नया घर
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उधमपुर। जिले में बाल कल्याण और पुनर्वास की दिशा में ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अपनों ने जिस मासूम को छोड़ा उसे एनआरआई ने अपनाया है। वात्सल्य मिशन के तहत पहला अंतरराष्ट्रीय एडॉप्शन हुआ। लावारिस हालत में मिली बच्ची को अब सात समंदर पार अमेरिका में माता-पिता का प्यार और सुरक्षित भविष्य मिला है।
भावुक कर देने वाले सफर की शुरुआत कटड़ा रेलवे स्टेशन से हुई थी जहां स्वराज एक्सप्रेस में बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची को तुरंत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रशासन और अधिकारियों के हस्तक्षेप के कारण उसे तत्काल सुरक्षा, उचित देखभाल और पुनर्वास के लिए फुलवारी विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को सौंप दिया गया। सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। फुलवारी एसएए द्वारा बच्ची की देखभाल और आवश्यक परामर्श सुनिश्चित किया गया। सभी प्रक्रियाओं के बाद बच्ची को कानूनी रूप से एडॉप्शन के लिए स्वतंत्र घोषित किया गया।
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उपायुक्त मिंगा शेरपा के मार्गदर्शन में जिला समाज कल्याण कार्यालय ने जटिल अंतर देशीय प्रक्रिया को पूरा किया। 15 अप्रैल को अमेरिका से आए दंपति को बच्ची औपचारिक रूप से सौंप दी गई। अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता ने बच्ची को भावी माता-पिता के सुपुर्द किया।
अधिकारियों ने कहा कि सफल एडॉप्शन न केवल बच्चे को पारिवारिक परिवेश प्रदान करेगा बल्कि सुरक्षित भविष्य के अधिकार को भी सुनिश्चित करेगा। यह प्रशासन और फुलवारी एसएए की बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और मेहनत का परिणाम है। समाज कल्याण विभाग ने दोहराया कि वे संरक्षण की आवश्यकता वाले हर बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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भावुक कर देने वाले सफर की शुरुआत कटड़ा रेलवे स्टेशन से हुई थी जहां स्वराज एक्सप्रेस में बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची को तुरंत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
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प्रशासन और अधिकारियों के हस्तक्षेप के कारण उसे तत्काल सुरक्षा, उचित देखभाल और पुनर्वास के लिए फुलवारी विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को सौंप दिया गया। सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। फुलवारी एसएए द्वारा बच्ची की देखभाल और आवश्यक परामर्श सुनिश्चित किया गया। सभी प्रक्रियाओं के बाद बच्ची को कानूनी रूप से एडॉप्शन के लिए स्वतंत्र घोषित किया गया।
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उपायुक्त मिंगा शेरपा के मार्गदर्शन में जिला समाज कल्याण कार्यालय ने जटिल अंतर देशीय प्रक्रिया को पूरा किया। 15 अप्रैल को अमेरिका से आए दंपति को बच्ची औपचारिक रूप से सौंप दी गई। अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी कनिका गुप्ता ने बच्ची को भावी माता-पिता के सुपुर्द किया।
अधिकारियों ने कहा कि सफल एडॉप्शन न केवल बच्चे को पारिवारिक परिवेश प्रदान करेगा बल्कि सुरक्षित भविष्य के अधिकार को भी सुनिश्चित करेगा। यह प्रशासन और फुलवारी एसएए की बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और मेहनत का परिणाम है। समाज कल्याण विभाग ने दोहराया कि वे संरक्षण की आवश्यकता वाले हर बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।