फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   Fish Dead in Tawi River

Udhampur News: तवी नदी के छह किलोमीटर के हिस्से में मर रहीं मछलियां

विज्ञापन
Fish Dead in Tawi River
उधमपुर। तवी नदी में मरी हुईं पड़ी मछलियां
-आसपास के ग्रामीण इलाकों में मचा हड़कंप, गांववासियों में बदबू से बीमारी फैलने के बना डर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के नजदीक तवी नदी में सलमेह से लेकर विशाल और कावा गांव तक के लगभग छह किलोमीटर के हिस्से में संदिग्ध परिस्थितियों में मछलियां मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीण बदबू और बीमारी फैलने के डर से परेशान हो गए हैं।
तवी नदी में मछलियों का इस तरह से मरना शहरवासियों के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि तवी नदी के पानी से ही शहरवासियों की प्यास बुझाई जाती है। फिलहाल सूचना मिलने के बाद मत्स्य पालन विभाग ने मछलियों के मरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं मछलियों के इस तरह से मारे जाने को लेकर ग्रामीण काफी परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे हिस्से में अचानक से इस तरह से भारी तादाद में मछलियां मरने सामान्य नहीं हैं इसलिए इसके सही कारणों का पता लगाने के लिए गहनता से जांच की जानी चाहिए।
विज्ञापन

विशाल गांव के स्थानीय निवासी एवं पूर्व सरपंच देवराज, रमेश कुमार व अन्य लोगों ने बताया कि यह काफी तवी नदी में सलमेह क्षेत्र से नीचे के हिस्से में बाबा पैड तक के हिस्से में लगातार हजारों की संख्या में मछलियां मर गईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं कावा क्षेत्र के स्थानीय निवासी पूरन चंद, नीतिश कुमार व अन्य ने बताया कि करीब एक सप्ताह से नदी में मछलियां मर रहीं हैं, विभाग को जानकारी दी गई थी और इसके बाद कुछ अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे। लेकिन अभी तक मछलियों के मरने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बताया कि हर रोज सैंकड़ों मछलियां तड़प-तड़प कर मर रहीं हैं और जगह-जगह मरी हुई मछलियों के ढेर लग रहें हैं। इससे क्षेत्र में काफी ज्यादा बदबू फैल रही है।
------------------------------------------------------
दुधर नाला और जखैनी तालाब के बाद उधमपुर की यह तीसरी घटना

उधमपुर के नदी-नालों में मछलियों के मरने की यह बीते दो महीनों की तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले मई 2025 के मध्य में बरेड़ियां पंचायत के दूधर नाले में मछलियों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था। जांच के बाद पानी में किसी रसायन के मिलने की बात सामने आई थी। कुछ दिन बाद शहर के वार्ड एक के प्राचीन जखैनी तालाब में भी सैकड़ों की तादाद में अचानक से मछलियां मर गई थीं। वहां जांच के बाद आक्सीजन की कमी को मुख्य कारण बताया गया था। फिलहाल इन दोनों जगहों पर अब मछलियों के मरने का सिलसिला बंद हो चुका है। अब तवी नदी में मछलियों के मरने की यह सबसे बड़ी घटना सामने आई है।

---------------------------------------------------
विभागीय जांच में किसी पेस्टीसाइड के मिलावट के संकेत मिले हैं। अभी बारिश का मौसम है। ऐसी संभावना है कि खेतों में इस्तेमाल कीटनाशक अथवा खरपतवार को हटाने के लिए इस्तेमाल रसायन बारिश के पानी के साथ नदी के पानी में मिलने से यह घटना पेश आई हो। फिलहाल शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू को जानकारी दी गई है। मछलियों के पोस्टमार्टम के बाद ही सही कारणों का पता चल पाएगा।
-अनु बाला, जिला अधिकारी, मत्स्य पालन विभाग उधमपुर।
------------------------------------

मछलियों के मरने की जानकारी मिली है और इसको लेकर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। जिस हिस्से में मछलियां मर रहीं हैं जलशक्ति विभाग वहां से पानी अपलिफ्ट नहीं करता है।
-एक्सईएन संदीप गुप्ता, जलशक्ति विभाग उधमपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article