{"_id":"61f82e5892368b54211d7e28","slug":"exam-udhampur-news-jmu252930075","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार्यों व अभिभावकों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार्यों व अभिभावकों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित
विज्ञापन
उधमपुर: भारतीय विद्या मंदिर स्कूल में संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन करवाया गया.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। भारतीय विद्या मंदिर नैनसू में विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान कुरूक्षेत्र ने सोमवार को आचार्यों व अभिभावकों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया।
इस संबंध में स्कूल की प्राचार्य रेणू शर्मा ने कहा कि भारतीय शिक्षा समिति के संचालित सभी स्कूलों में हर साल आचार्यों व अभिभावकों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसे चार चरणों प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा और प्रज्ञा के तहत आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले परीक्षार्थियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य हमारे पूर्वजों के ज्ञान, विज्ञान और मानवता के क्षेत्र में अर्जित ज्ञान के बारे में अवगत करवाना है। साथ ही अपने धर्म व संस्कृति और अपनी राष्ट्रीयता का ज्ञान प्रतिभागियों तक पहुंचाना है, ताकि वे छात्रों को भी इन सभी विषयों का बेहतर तरीके से ज्ञान प्रदान कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस संबंध में स्कूल की प्राचार्य रेणू शर्मा ने कहा कि भारतीय शिक्षा समिति के संचालित सभी स्कूलों में हर साल आचार्यों व अभिभावकों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसे चार चरणों प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा और प्रज्ञा के तहत आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले परीक्षार्थियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य हमारे पूर्वजों के ज्ञान, विज्ञान और मानवता के क्षेत्र में अर्जित ज्ञान के बारे में अवगत करवाना है। साथ ही अपने धर्म व संस्कृति और अपनी राष्ट्रीयता का ज्ञान प्रतिभागियों तक पहुंचाना है, ताकि वे छात्रों को भी इन सभी विषयों का बेहतर तरीके से ज्ञान प्रदान कर सकें।
विज्ञापन