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Udhampur News: अब स्कूलों की होगी अपनी इमारत, किराये के कमरों की नहीं पड़ेगी जरूरत
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उधमपुर। जिले के 10 जोन में मौजूदा समय में 123 स्कूल किराये की इमारतों में चल रहे हैं। अब शिक्षा विभाग अगले वित्त वर्ष की योजना में 50 स्कूलों में नई इमारतें बनाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।
जानकारी के मुताबिक जिले में कई सरकारी स्कूल इमारत न होने की वजह से किराये के भवनों में चल रहे हैं। इसके चलते उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही हैं। विभाग की ओर से आने वाले वित्त वर्ष की योजना में जिले के करीब 50 स्कूलों की इमारतों का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज रहा है। बिना इमारतों के चल रहे स्कूलों में ज्यादातर प्राइमरी स्कूल ही हैं। इतना ही नहीं, जिले के 10 जोन में से ज्यादातर दूरदराज के क्षेत्रों में ही स्कूल किराये की इमारतों में चल रहे हैं।
...........
विभाग की ओर से जिले के करीब 50 स्कूलों को चयनित किया गया है, जो किराये की इमारतों में चल रहे हैं। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े, उसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। उस प्रस्ताव में कितने स्कूलों को मंजूरी मिलती है, यह तो बाद में पता चलेगा। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, वैसे ही स्कूलों की इमारत बनाने का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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-कमल किशोर बडयाल सीईओ
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जानकारी के मुताबिक जिले में कई सरकारी स्कूल इमारत न होने की वजह से किराये के भवनों में चल रहे हैं। इसके चलते उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही हैं। विभाग की ओर से आने वाले वित्त वर्ष की योजना में जिले के करीब 50 स्कूलों की इमारतों का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज रहा है। बिना इमारतों के चल रहे स्कूलों में ज्यादातर प्राइमरी स्कूल ही हैं। इतना ही नहीं, जिले के 10 जोन में से ज्यादातर दूरदराज के क्षेत्रों में ही स्कूल किराये की इमारतों में चल रहे हैं।
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विभाग की ओर से जिले के करीब 50 स्कूलों को चयनित किया गया है, जो किराये की इमारतों में चल रहे हैं। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े, उसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। उस प्रस्ताव में कितने स्कूलों को मंजूरी मिलती है, यह तो बाद में पता चलेगा। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, वैसे ही स्कूलों की इमारत बनाने का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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-कमल किशोर बडयाल सीईओ