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Udhampur News: महिला काॅलेज में वसंत पंचमी को संगीत समारोह के रूप में मनाया
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महिला काॅलेज में वसंत पंचमी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेती छात्राएं।
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उधमपुर। वसंत पंचमी के शुभ अवसर को मनाने के लिए सरकारी महिला कालेज के संगीत विभाग ने म्यूजिक लैब में आईक्यूएसी के तत्वावधान में एक रंगारंग संगीत समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी पठानिया मुख्य अतिथि थीं।
पठानिया ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए संगीत विभाग के छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और विशेष अवसर पर आभार व्यक्त किया। शुरुआत पारंपरिक शिक्षा दीप प्रज्ज्वलन और देवी सरस्वती को पीले फूल चढ़ाने के साथ हुई, जिसके बाद संगीत विभाग के छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई। संगीत की सहायक प्राध्यापक पूजा देवी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। बाद में संगीत की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालू जसरोटिया ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि यह त्योहार आमतौर पर भारत में वसंत की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था और इसलिए उनसे ज्ञान और कला प्राप्त करने के लिए लोग बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाते हैं। संगीत विभाग के विभिन्न विद्यार्थियों ने गायन, वादन वादन, कविता पाठ, भाषण देना आदि विभिन्न प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
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छात्र सितारवादकों द्वारा सितार पर राग यमन और मियां मल्हार भी बजाया गया। संगीत विभाग को पीले फूलों, रंगोली और गुब्बारों से सजाया गया था। कार्यक्रम का संचालन संगीत विभाग के संकाय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन संगीत की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालू जसरोटिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
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पठानिया ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए संगीत विभाग के छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और विशेष अवसर पर आभार व्यक्त किया। शुरुआत पारंपरिक शिक्षा दीप प्रज्ज्वलन और देवी सरस्वती को पीले फूल चढ़ाने के साथ हुई, जिसके बाद संगीत विभाग के छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई। संगीत की सहायक प्राध्यापक पूजा देवी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। बाद में संगीत की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालू जसरोटिया ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला।
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वक्ताओं ने कहा कि यह त्योहार आमतौर पर भारत में वसंत की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था और इसलिए उनसे ज्ञान और कला प्राप्त करने के लिए लोग बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाते हैं। संगीत विभाग के विभिन्न विद्यार्थियों ने गायन, वादन वादन, कविता पाठ, भाषण देना आदि विभिन्न प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
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छात्र सितारवादकों द्वारा सितार पर राग यमन और मियां मल्हार भी बजाया गया। संगीत विभाग को पीले फूलों, रंगोली और गुब्बारों से सजाया गया था। कार्यक्रम का संचालन संगीत विभाग के संकाय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन संगीत की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालू जसरोटिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।