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Udhampur News: उधमपुर में 410 ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कारण प्रमुख
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पंचैरी और चिनैनी में सर्वाधिक मामले, बैक टू स्कूल अभियान के तहत मुख्यधारा में लौटाने की तैयारी
बंदना शर्मा
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2025-26 के लिए चलाए जा रहे बैक टू स्कूल अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के दौरान 14 वर्ष तक की आयु के 410 बच्चों की पहचान की है जिन्होंने किन्हीं कारणों से स्कूल जाना छोड़ दिया था। इनमें 198 लड़कियां और 212 लड़के शामिल हैं।
पंचैरी और चिनैनी में स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों से पता चलता है कि पंचैरी जोन में ड्रापआउट की समस्या सबसे अधिक है जहां 152 बच्चे शिक्षा से दूर पाए गए। इसके बाद चिनैनी जोन में 87 बच्चों की पहचान हुई है। विभाग की टीमें अब इन दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर अभिभावकों और बच्चों की काउंसलिंग कर रही हैं ताकि उन्हें दोबारा कक्षाओं तक लाया जा सके।
जिला नोडल अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान आर्थिक तंगी और घरेलू समस्याएं पढ़ाई छोड़ने के मुख्य कारणों के रूप में उभरी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जा रहा है ताकि 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
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जोनवार ड्रापआउट बच्चों का ब्योरा
जोन
कुल बच्चे
लड़कियां
लड़के
पंचैरी
152
72
80
चिनैनी
87
46
41
जिब
52
24
28
रामनगर
39
12
27
डुडू
26
14
12
टिकरी
23
7
16
घोरड़ी
15
12
3
कुलवंता
7
5
2
उधमपुर
5
2
3
बवेय
4
4
0
कुल योग
410
198
212
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बंदना शर्मा
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2025-26 के लिए चलाए जा रहे बैक टू स्कूल अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के दौरान 14 वर्ष तक की आयु के 410 बच्चों की पहचान की है जिन्होंने किन्हीं कारणों से स्कूल जाना छोड़ दिया था। इनमें 198 लड़कियां और 212 लड़के शामिल हैं।
पंचैरी और चिनैनी में स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों से पता चलता है कि पंचैरी जोन में ड्रापआउट की समस्या सबसे अधिक है जहां 152 बच्चे शिक्षा से दूर पाए गए। इसके बाद चिनैनी जोन में 87 बच्चों की पहचान हुई है। विभाग की टीमें अब इन दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर अभिभावकों और बच्चों की काउंसलिंग कर रही हैं ताकि उन्हें दोबारा कक्षाओं तक लाया जा सके।
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जिला नोडल अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान आर्थिक तंगी और घरेलू समस्याएं पढ़ाई छोड़ने के मुख्य कारणों के रूप में उभरी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जा रहा है ताकि 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
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जोनवार ड्रापआउट बच्चों का ब्योरा
जोन
कुल बच्चे
लड़कियां
लड़के
पंचैरी
152
72
80
चिनैनी
87
46
41
जिब
52
24
28
रामनगर
39
12
27
डुडू
26
14
12
टिकरी
23
7
16
घोरड़ी
15
12
3
कुलवंता
7
5
2
उधमपुर
5
2
3
बवेय
4
4
0
कुल योग
410
198
212