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Udhampur News: बरसाती नालों का होगा जीर्णोद्धार, भू कटाव व जलभराव से मिलेगी राहत
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उधमपुर। बरसाती नालों का जीर्णोद्धार होने से भूमि कटाव और जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इसके लिए महत्वपूर्ण पहल की है। पंचायत कोटली बाला और इसके आसपास (ओसू नाला, कोटली बाला नाला, खेरी नाला और कैरा नाला) चार प्रमुख नालों में बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे।
पूरी योजना की अनुमानित लागत 24.76 लाख रुपये निर्धारित की गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इस परियोजना के तहत इन नालों के किनारों को मजबूत करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए प्रोटेक्शन वर्क किया जाएगा। इसमें पत्थर और कंक्रीट के जरिए किनारों की पिचिंग, टूटे हुए पुराने सुरक्षा ढांचों की मरम्मत और कमजोर हिस्सों को फिर से मजबूत बनाना शामिल है। खास तौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा जहां पहले बनाए गए सुरक्षा कार्य समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय निवासी मनी राम, अनंत राम, केवल कृष्ण, शिव राम का कहना है कि हर साल बरसात में इन नालों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के खेतों, सड़कों और रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
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नालों में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। औपचारिकता पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
-गिरधारी लाल, एक्सईएन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग
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पूरी योजना की अनुमानित लागत 24.76 लाख रुपये निर्धारित की गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इस परियोजना के तहत इन नालों के किनारों को मजबूत करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए प्रोटेक्शन वर्क किया जाएगा। इसमें पत्थर और कंक्रीट के जरिए किनारों की पिचिंग, टूटे हुए पुराने सुरक्षा ढांचों की मरम्मत और कमजोर हिस्सों को फिर से मजबूत बनाना शामिल है। खास तौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा जहां पहले बनाए गए सुरक्षा कार्य समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय निवासी मनी राम, अनंत राम, केवल कृष्ण, शिव राम का कहना है कि हर साल बरसात में इन नालों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के खेतों, सड़कों और रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
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नालों में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। औपचारिकता पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
-गिरधारी लाल, एक्सईएन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग