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Udhampur News: रक्तचाप को नजरअंदाज करना जीवन पर भारी, जीवनशैली में करें सुधार
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डॉ. अब्दुल मजीद डार, हृदय रोग विशेषज्ञ।
- युवाओं में भी लगातार बढ़ी रही बीपी की शिकायत, समय-समय पर कराएं जांच
- स्वस्थ खानपान, शारीरिक व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन ही सबसे बढ़ा उपचार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
उधमपुर। आज पूरे विश्व रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। मौजूदा समय में यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है। क्योंकि जागरूकता की कमी के कारण लोगों की बदलती दिनचर्या और खानपान में बदलाव के कारण बुजुर्गों से लेकर अब युवा वर्ग भी ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त होता जा रहा है।
युवा वर्ग में इस समस्या की मुख्य वजह तनाव, अस्वस्थ जीवन शैली, शारीरिक श्रम का अभाव है। अगर विशेषज्ञों की माने तो इससे बचने के लिए रोजाना योग, स्वस्थ और पौष्टिक खानपान सहित तनाव मुक्त जीवन शैली के माध्यम से इस समस्या से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक युवा वर्ग का ब्लड प्रेशर 120/70 एमएम एचजी (पारा के मिलीमीटर) होना चाहिए जबकि 40 से ऊपर आयु के लोगों का 130/90 तक होना चाहिए। ब्लड प्रेशर अधिक होने से हार्ट अटैक, किडनी खराब, हृदय रोग के अलावा आने कई प्रकार की बीमारियां लग सकती हैं। खासतौर पर युवा वर्ग द्वारा अपने खानपान में बदलाव, तनाव और कसरत ना करना एक बहुत बड़ा कारण है। जिसकी वजह से यह समस्या युवाओं में भी अधिक बढ़ने लगी है। फास्ट फूड और शराब तंबाकू का अधिक सेवन भी इस समस्या को मुख्य वजह है जिससे 20 से 30 साल की उम्र में ही युवा ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझने लगे हैं।
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रक्तचाप के लक्षण और जोखिम :
ब्लड प्रेशर के कारण भूलने की आदत, किडनी की बीमारी, सीने में दर्द, सर में दर्द, घबराहट या फिर चक्कर भी आने लगते हैं। बीपी का अटैक होने से व्यक्ति को मस्तिष्क रक्तस्राव भी हो सकता है। जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है या फिर लकवा भी मार सकता हैं। ऐसे में सावधानी बरतने ही समझदारी है।
रक्तचाप की जांच और निदान
:
समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाएं। अधिक या कम होने पर डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर द्वारा शुरू की गई दवा का नियमित रूप से सेवन करें। कुछ अंतराल में पूरी बॉडी चेकअप जरूर कराएं। ताकि बीपी से अगर कोई नुकसान हो रहा हो तो समय पर उपचार ले सकें। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, तनाव मुक्त रहकर रक्तचाप को नियंत्रित रख सकते हैं।
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बीपी को नियंत्रण में रखने के लिए नमक कम खाएं, कसरत करें, तंबाकू शराब के सेवन से परहेज करें। समय-समय पर शरीर के खून की जांच करवाएं ताकि अगर बीपी की शिकायत है तो इससे होने वाली अन्य बीमारियों से बचा जा सके। जरूरी नहीं है कि यह बीमारी परिवार में किसी को है तो आगे बच्चों को भी हो। स्वस्थ जीवन शैली से रक्तचाप की समस्या से निपटा जा सकता है।
-डॉ. अब्दुल मजीद डार, हृदय रोग विशेषज्ञ
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- स्वस्थ खानपान, शारीरिक व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन ही सबसे बढ़ा उपचार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
उधमपुर। आज पूरे विश्व रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। मौजूदा समय में यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है। क्योंकि जागरूकता की कमी के कारण लोगों की बदलती दिनचर्या और खानपान में बदलाव के कारण बुजुर्गों से लेकर अब युवा वर्ग भी ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त होता जा रहा है।
युवा वर्ग में इस समस्या की मुख्य वजह तनाव, अस्वस्थ जीवन शैली, शारीरिक श्रम का अभाव है। अगर विशेषज्ञों की माने तो इससे बचने के लिए रोजाना योग, स्वस्थ और पौष्टिक खानपान सहित तनाव मुक्त जीवन शैली के माध्यम से इस समस्या से बचा जा सकता है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक युवा वर्ग का ब्लड प्रेशर 120/70 एमएम एचजी (पारा के मिलीमीटर) होना चाहिए जबकि 40 से ऊपर आयु के लोगों का 130/90 तक होना चाहिए। ब्लड प्रेशर अधिक होने से हार्ट अटैक, किडनी खराब, हृदय रोग के अलावा आने कई प्रकार की बीमारियां लग सकती हैं। खासतौर पर युवा वर्ग द्वारा अपने खानपान में बदलाव, तनाव और कसरत ना करना एक बहुत बड़ा कारण है। जिसकी वजह से यह समस्या युवाओं में भी अधिक बढ़ने लगी है। फास्ट फूड और शराब तंबाकू का अधिक सेवन भी इस समस्या को मुख्य वजह है जिससे 20 से 30 साल की उम्र में ही युवा ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझने लगे हैं।
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रक्तचाप के लक्षण और जोखिम :
ब्लड प्रेशर के कारण भूलने की आदत, किडनी की बीमारी, सीने में दर्द, सर में दर्द, घबराहट या फिर चक्कर भी आने लगते हैं। बीपी का अटैक होने से व्यक्ति को मस्तिष्क रक्तस्राव भी हो सकता है। जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है या फिर लकवा भी मार सकता हैं। ऐसे में सावधानी बरतने ही समझदारी है।
रक्तचाप की जांच और निदान
:
समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाएं। अधिक या कम होने पर डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर द्वारा शुरू की गई दवा का नियमित रूप से सेवन करें। कुछ अंतराल में पूरी बॉडी चेकअप जरूर कराएं। ताकि बीपी से अगर कोई नुकसान हो रहा हो तो समय पर उपचार ले सकें। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, तनाव मुक्त रहकर रक्तचाप को नियंत्रित रख सकते हैं।
बीपी को नियंत्रण में रखने के लिए नमक कम खाएं, कसरत करें, तंबाकू शराब के सेवन से परहेज करें। समय-समय पर शरीर के खून की जांच करवाएं ताकि अगर बीपी की शिकायत है तो इससे होने वाली अन्य बीमारियों से बचा जा सके। जरूरी नहीं है कि यह बीमारी परिवार में किसी को है तो आगे बच्चों को भी हो। स्वस्थ जीवन शैली से रक्तचाप की समस्या से निपटा जा सकता है।
-डॉ. अब्दुल मजीद डार, हृदय रोग विशेषज्ञ