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Udhampur News: श्रद्धालुओं ने सरोवरों में लगाई आस्था की डुबकी
Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
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उधमपुर। लोहड़ी के दूसरे दिन मनाया जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को जिलेभर में बड़ी श्रद्धा और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह पौ फटने के साथ ही पवित्र सरोवरों पर श्रद्धालुओं की स्नान और पूजन व दान पुण्य आदि धार्मिक कार्याें के लिए भीड़ रही।
देविका नदी के घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया और मंदिरों में पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी करवाएं गए। देविका घाट पर पहुंचे संजय शर्मा, काका राम, विष्णु देवी व अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि मकर संक्रांति देसी नव वर्ष की शुरुआत का पहला दिन भी माना जाता है। पंडित शेखर शर्मा ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह दिन सूर्यदेव के अपने पुत्र शनिदेव से मिलने का प्रतीक है जो पिता-पुत्र के संबंधों में मधुरता लाता है। मकर संक्रांति पर बनने वाले खिचड़ी के प्रसाद से इस बार एकादशी होने के कारण श्रद्धालुओं ने दूरी बनाए रखी। एकादशी पर चावल खाना वर्जित माना जाता है। संवाद
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देविका नदी के घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया और मंदिरों में पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी करवाएं गए। देविका घाट पर पहुंचे संजय शर्मा, काका राम, विष्णु देवी व अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि मकर संक्रांति देसी नव वर्ष की शुरुआत का पहला दिन भी माना जाता है। पंडित शेखर शर्मा ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह दिन सूर्यदेव के अपने पुत्र शनिदेव से मिलने का प्रतीक है जो पिता-पुत्र के संबंधों में मधुरता लाता है। मकर संक्रांति पर बनने वाले खिचड़ी के प्रसाद से इस बार एकादशी होने के कारण श्रद्धालुओं ने दूरी बनाए रखी। एकादशी पर चावल खाना वर्जित माना जाता है। संवाद
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