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Udhampur News: वाल पेंटिंग से फैला रहे स्वच्छ भारत के जागरूकता संदेश
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उधमपुर। शहरी इलाके में गंदगी की समस्या हमेशा सुर्खियों में रही है। अब जगह-जगह वाल पेंटिंग के माध्यम से स्वच्छ भारत को लेकर जागरूकता संदेश फैलाए जा रहे हैं।
इससे शहर का सौंदर्यीकरण तो होगा ही और स्वच्छता के प्रति आम आदमी को उनकी नैतिक जिम्मेदारी का भी अहसास कराने की कोशिश की जाएगी। नगर परिषद के अधीन शहर में 21 वार्ड पड़ते हैं। इसके चलते प्रतिदिन शहर में 18 से 20 टन का कचरा जमा होता है। नगर परिषद की ओर से कचरा जमा करने के बाद भी शहर के नाले नालियों सहित प्राकृतिक जल स्रोतों में गंदगी की समस्या कम नहीं हो रही है। इसकी वजह है कि कई लोग अपने घरों या फिर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कचरा नदी नालों में फेंक देते हैं। इससे नाले बंद हो जाते हैं और कई स्थानों पर दूषित पानी व गंदगी की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे महामारी का भी खतरा बना रहता है। खासकर देविका नदी को गंगा नदी की बड़ी बहन के रूप में पूजा जाता है। बावजूद इसके, लोग देविका में गंदगी फेंकने से परहेज नहीं करते। प्रशासन की ओर से भी देविका को दूषित करने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है लेकिन समस्या ज्याें की त्यों बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन की ओर से अब विशेष प्रयास करने की कोशिश की जा रही है। शहर के गोल मार्केट, धार रोड, जिला प्रशासनिक कार्यालय जैसे मुख्य स्थानों पर खाली पड़ी दीवारों पर वाल पेंटिंग का निर्णय लिया गया है। इसमें शहर के छात्र और कलाकार स्वच्छ भारत थीम पर अपनी कला के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने की कोशिश करेंगे। वाल पेंटिंग से जहां शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं दीवारों पर प्रकाशित सूचनात्मक चित्र आम आदमी को उनकी नैतिक जिम्मेदारियों का अहसास दिलाते रहेंगे।
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इस बारे में नगर परिषद के सीईओ राजिंद्र डिंगरा ने बताया कि वाल पेंटिंग का उद्देश्य आम जनता को स्वच्छता को लेकर उनके सहयोग के प्रति जागरूक करना है और चित्रकला के माध्यम से शहर को खूबसूरत बनाना है। क्षेत्र को तभी साफ सूथरा रखा जा सकता है, जब जनता खुद उसमें सहयोग करे।
फोटो सहित
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इससे शहर का सौंदर्यीकरण तो होगा ही और स्वच्छता के प्रति आम आदमी को उनकी नैतिक जिम्मेदारी का भी अहसास कराने की कोशिश की जाएगी। नगर परिषद के अधीन शहर में 21 वार्ड पड़ते हैं। इसके चलते प्रतिदिन शहर में 18 से 20 टन का कचरा जमा होता है। नगर परिषद की ओर से कचरा जमा करने के बाद भी शहर के नाले नालियों सहित प्राकृतिक जल स्रोतों में गंदगी की समस्या कम नहीं हो रही है। इसकी वजह है कि कई लोग अपने घरों या फिर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कचरा नदी नालों में फेंक देते हैं। इससे नाले बंद हो जाते हैं और कई स्थानों पर दूषित पानी व गंदगी की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे महामारी का भी खतरा बना रहता है। खासकर देविका नदी को गंगा नदी की बड़ी बहन के रूप में पूजा जाता है। बावजूद इसके, लोग देविका में गंदगी फेंकने से परहेज नहीं करते। प्रशासन की ओर से भी देविका को दूषित करने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है लेकिन समस्या ज्याें की त्यों बनी हुई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन की ओर से अब विशेष प्रयास करने की कोशिश की जा रही है। शहर के गोल मार्केट, धार रोड, जिला प्रशासनिक कार्यालय जैसे मुख्य स्थानों पर खाली पड़ी दीवारों पर वाल पेंटिंग का निर्णय लिया गया है। इसमें शहर के छात्र और कलाकार स्वच्छ भारत थीम पर अपनी कला के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने की कोशिश करेंगे। वाल पेंटिंग से जहां शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं दीवारों पर प्रकाशित सूचनात्मक चित्र आम आदमी को उनकी नैतिक जिम्मेदारियों का अहसास दिलाते रहेंगे।
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इस बारे में नगर परिषद के सीईओ राजिंद्र डिंगरा ने बताया कि वाल पेंटिंग का उद्देश्य आम जनता को स्वच्छता को लेकर उनके सहयोग के प्रति जागरूक करना है और चित्रकला के माध्यम से शहर को खूबसूरत बनाना है। क्षेत्र को तभी साफ सूथरा रखा जा सकता है, जब जनता खुद उसमें सहयोग करे।
फोटो सहित