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केंद्र सरकार से पैसा और मंजूरी मिलने पर भी पीडब्ल्यूडी नहीं कर सका जीएमसी का निर्माण
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उधमपुर। केंद्र से मंजूर मेडिकल कॉलेज उधमपुर की इमारत का काम तीन वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका। पीडब्ल्यूडी अब तक इसकी सिर्फ टेंडर प्रक्रिया ही पूरी कर पाया है। जिला प्रशासन तीन वर्ष पहले जमीन भी उपलब्ध करवा चुका है, और केंद्र 325 करोड़ रुपये भी दे चुका है।
कई वर्षों के इंतजार के बाद अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज उधमपुर को मंजूरी दी थी। मंजूरी के बाद जिला प्रशासन ने कॉलेज के लिए बैली गांव में जमीन का चयन किया, और स्वास्थ्य विभाग को 214 कनाल जमीन उपलब्ध करवा दी गई। जमीन का चयन होने के बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
जिले के लोगों को लगने लगा कि जल्द ही इमारत का निर्माण शुरू होगा, और उनको जम्मू की तरह जीएमसी की सुविधा मिलेगी। सूत्रों के अनुसार सरकार ने निर्माण करने वाली एजेंसी को दो वर्ष में इमारत पूरी करने को कहा था, और जल्द कॉलेज का पहला सत्र शुरू करने का भी आश्वासन दिया था। लेकिन, करीब तीन वर्ष गुजरने के बाद भी न तो इमारत का निर्माण शुरू हो सका और न ही पहला सत्र शुरू हुआ।
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शहर से करीब सात किमी दूर है बैली गांव
जिस स्थान पर जमीन का चयन किया है, उसके पास ही जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी स्कूल तैयार किया जा चुका है। यहां पहुंचने के लिए सड़क पहले से ही तैयार है। अक्सर मरीज की हालत खराब होने पर उसको जीएमसी जम्मू रेफर किया जाता है। लेकिन, मेडिकल कॉलेज बनने के बाद किसी को जीएमसी रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह स्थान शहर से करीब सात किमी दूर है।
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कंसलटेंट एजेंसी के साथ विवाद के कारण कॉलेज का निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका है। मामला न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन अब इसका फैसला हो चुका है। मेडिकल कॉलेज की इमारत के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। उच्च स्तर पर इसको लेकर बैठकें भी चल रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इमारत का कार्य शुरू हो जाएगा।
- मोहम्मद जब्बीर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, उधमपुर
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कई वर्षों के इंतजार के बाद अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज उधमपुर को मंजूरी दी थी। मंजूरी के बाद जिला प्रशासन ने कॉलेज के लिए बैली गांव में जमीन का चयन किया, और स्वास्थ्य विभाग को 214 कनाल जमीन उपलब्ध करवा दी गई। जमीन का चयन होने के बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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जिले के लोगों को लगने लगा कि जल्द ही इमारत का निर्माण शुरू होगा, और उनको जम्मू की तरह जीएमसी की सुविधा मिलेगी। सूत्रों के अनुसार सरकार ने निर्माण करने वाली एजेंसी को दो वर्ष में इमारत पूरी करने को कहा था, और जल्द कॉलेज का पहला सत्र शुरू करने का भी आश्वासन दिया था। लेकिन, करीब तीन वर्ष गुजरने के बाद भी न तो इमारत का निर्माण शुरू हो सका और न ही पहला सत्र शुरू हुआ।
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शहर से करीब सात किमी दूर है बैली गांव
जिस स्थान पर जमीन का चयन किया है, उसके पास ही जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी स्कूल तैयार किया जा चुका है। यहां पहुंचने के लिए सड़क पहले से ही तैयार है। अक्सर मरीज की हालत खराब होने पर उसको जीएमसी जम्मू रेफर किया जाता है। लेकिन, मेडिकल कॉलेज बनने के बाद किसी को जीएमसी रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह स्थान शहर से करीब सात किमी दूर है।
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कंसलटेंट एजेंसी के साथ विवाद के कारण कॉलेज का निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका है। मामला न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन अब इसका फैसला हो चुका है। मेडिकल कॉलेज की इमारत के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। उच्च स्तर पर इसको लेकर बैठकें भी चल रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इमारत का कार्य शुरू हो जाएगा।
- मोहम्मद जब्बीर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, उधमपुर