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खुले में शिक्षा ग्रहण कर रहे 14 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी
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पंचैरी शिक्षा जोन में कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी प्राइमरी स्कूल लोअर चपड़ की इमारत
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर/पंचैरी। तहसील में 14 प्राथमिक विद्यालयों की इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वर्षों से ये इमारतें खंडहर हैं। इसलिए, शिक्षा विभाग इन स्कूलों को किराए की इमारतों में चला रहा है। विद्यार्थी खुले में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। कई प्रस्ताव तैयार होने के बाद भी नई इमारतें तैयार नहीं हो सकी हैं।
2014 में कहर बरसाने वाली बारिश के दौरान जिले में सौ से अधिक सरकारी स्कूलों की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। शिक्षा विभाग ने इनकी मरम्मत का काम शुरू किया, लेकिन पंचैरी शिक्षा जोन में 14 प्राथमिक विद्यालयों की इमारतें ऐसी हैं, जिनकी आज तक मरम्मत नहीं हो सकी है। विभाग ने इन इमारतों में कक्षाएं चलाना बंद कर दिया है, और सभी स्कूल किराए की इमारतों में चल रहे हैं।
विभाग ने किराए पर एक या दो कमरे लिए हैं। इनमें ही स्टाफ रूम और कक्षाएं चलाने का काम जारी है। एक या दो कमरों में सभी कक्षाएं चलाना संभव नहीं होता है, इसलिए शिक्षक मजबूरन विद्यार्थियों को बाहर खुले में बैठा कर पढ़ाते हैं। जब बारिश होती है तो मजबूरन स्कूल में छुट्टी करनी पड़ती है। आज तक शिक्षा विभाग क्षतिग्रस्त हुई इमारतों की मरम्मत नहीं करा पाया है।
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खुले में तैयार होता है मिड-डे-मील
इमारत के क्षतिग्रस्त होने के बाद मिड-डे-मील खुले में तैयार हो रहा है। जब स्कूलों की इमारतों को नुकसान पहुंचा तो रसोई शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। किराए की इमारतों में स्कूलों को स्थानांतरित करने के बाद मिड-डे-मील तैयार करना सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है। इसके लिए स्कूल के शिक्षकों को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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नहीं मिल रही शौचालयों की सुविधा
किराए की इमारतों में विद्यार्थियों को शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। विद्यार्थी मजबूरन खुले में जाकर शौच करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों शिक्षा विभाग से लगातार इन स्कूलों की अपनी इमारत का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग आज तक इसमें कामयाब नहीं हो पाया है।
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14 क्षतिग्रस्त इमारतों की मरम्मत या इनके स्थान पर नई इमारत का निर्माण करने के लिए प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। यह प्रस्ताव हर वर्ष भेजा जा रहा है। लेकिन, इसको मंजूरी नहीं मिल पा रही है। जब प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, इनकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेश शर्मा, जेडईपीओ, पंचैरी
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2014 में कहर बरसाने वाली बारिश के दौरान जिले में सौ से अधिक सरकारी स्कूलों की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। शिक्षा विभाग ने इनकी मरम्मत का काम शुरू किया, लेकिन पंचैरी शिक्षा जोन में 14 प्राथमिक विद्यालयों की इमारतें ऐसी हैं, जिनकी आज तक मरम्मत नहीं हो सकी है। विभाग ने इन इमारतों में कक्षाएं चलाना बंद कर दिया है, और सभी स्कूल किराए की इमारतों में चल रहे हैं।
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विभाग ने किराए पर एक या दो कमरे लिए हैं। इनमें ही स्टाफ रूम और कक्षाएं चलाने का काम जारी है। एक या दो कमरों में सभी कक्षाएं चलाना संभव नहीं होता है, इसलिए शिक्षक मजबूरन विद्यार्थियों को बाहर खुले में बैठा कर पढ़ाते हैं। जब बारिश होती है तो मजबूरन स्कूल में छुट्टी करनी पड़ती है। आज तक शिक्षा विभाग क्षतिग्रस्त हुई इमारतों की मरम्मत नहीं करा पाया है।
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खुले में तैयार होता है मिड-डे-मील
इमारत के क्षतिग्रस्त होने के बाद मिड-डे-मील खुले में तैयार हो रहा है। जब स्कूलों की इमारतों को नुकसान पहुंचा तो रसोई शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। किराए की इमारतों में स्कूलों को स्थानांतरित करने के बाद मिड-डे-मील तैयार करना सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है। इसके लिए स्कूल के शिक्षकों को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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नहीं मिल रही शौचालयों की सुविधा
किराए की इमारतों में विद्यार्थियों को शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। विद्यार्थी मजबूरन खुले में जाकर शौच करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों शिक्षा विभाग से लगातार इन स्कूलों की अपनी इमारत का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग आज तक इसमें कामयाब नहीं हो पाया है।
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14 क्षतिग्रस्त इमारतों की मरम्मत या इनके स्थान पर नई इमारत का निर्माण करने के लिए प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। यह प्रस्ताव हर वर्ष भेजा जा रहा है। लेकिन, इसको मंजूरी नहीं मिल पा रही है। जब प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, इनकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेश शर्मा, जेडईपीओ, पंचैरी

पंचैरी शिक्षा जोन में कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी प्राइमरी स्कूल लोअर चपड़ की इमारत- फोटो : UDHAMPUR